बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। ‘ सैया भय कोतवाल तो डर काहे का’ कुछ यही हाल चंडी प्रखंड के एक राजनीतिक पहुँच रखने वाले शिक्षिका पर लागू होती है।

नालंदा जिले के चंडी प्रखंड जदयू के एक नामी नेता की शिक्षिका पत्नी महीनों से प्रतिनियोजन तथा चुनाव प्रक्रिया के नाम पर प्रखंड कार्यालय में जमी हुई है। उधर स्कूल में शिक्षकों की कमी से पठन पाठन ठप्प है।

बताया जाता है कि मध्य विधालय गोनकुरा की सहायक शिक्षिका संजू कुमारी जनवरी माह से ही प्रतिनियोजन तथा चुनाव कार्य के बहाने जमी हुई है।

स्कूल के प्रधानाध्यपक मुकेश कुमार ने प्रखंड विकास पदाधिकारी चंडी को 27 मार्च को ही एक पत्र लिखकर उनका प्रतिनियोजन रद्द करने की मांग की थी।

चंडी प्रखंड के मध्य विधालय गोनकुरा की शिक्षिका संजू कुमारी को 30 जनवरी से ही अगले आदेश तक चुनाव कार्य निष्पादन करते हुए प्रखंड कार्यालय में प्रतिनियोजित कर दिया गया है।

स्कूल के हेडमास्टर मुकेश कुमार का कहना है कि शिक्षकों की कमी से पठन पाठन में परेशानी हो रही है। उन्होंने बीडीओ को पत्र लिखकर उनका प्रतिनियोजन रद्द करने की मांग की थी ।लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।

इधर अब सरकारी स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश भी होने वाला है। ऐसे में एक महीने तक इस मामले की कोई सुध भी नहीं ले सकता है।

यह कोई ऐसा पहला मामला नहीं है, जब प्रखंड के कई राजनीतिक पहुँच रखने वाले शिक्षकों ने स्कूलों में पढ़ाने के बजाय प्रखंड कार्यालय पर प्रतिनियोजन के नाम पर डटे रहे थे।

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