नालंदा दर्पण। कितनी शर्मनाक स्थिति है कि  विकास के ढिंढोरे पीटने वाले सीएम नीतीश कुमार के गृह जिले के नालंदा जिला मुख्यालय  बिहारशरीफ प्रखंड के पचौरी पंचायत के श्यामनगर गांव में लोग वोट वहिष्कार करेंगे।

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी को सौंपे पत्र में लिखा है कि श्याम नगर गांव में जिला निधि योजना से प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा वर्ष 1989 में विद्यालय भवन का निर्माण कराया गया। लेकिन तब से इस स्कूल में लोकसभा, विधानसभा, पंचायती रात का सिर्फ मतदान केन्द्र ही बनता आ रहा है।

इस स्कूल में न तो कभी एक शिक्षक भेजा गया और न ही आज तक पढ़ाई ही शुरु की गई। एक हजार से अधिक आबादी वाले इस गांव के सैकड़ों बच्चे इधर-उधर प्रायवेट स्कूल में पढ़ने जाने को बाध्य हैं।

ग्रामीणों ने लिखा है कि गांव से 2 किलोमीटर दूर पचौरी गांव में एक मध्य विद्यालय है। वहीं एक किलोमीटर दूर जोररपुर गांव में एक प्राथमिक विद्यालय है। जहां प्रत्योक वर्ष दोनों गांव के बीच बच्चों की पढ़ाई को लकर झगड़ा-झंझट और केस-मुकदमा होते रहता है। दोनों गांव में सदा तनाव बना रहता है। इसीलिए बच्चे सरकारी पढ़ नहीं पाते।

ग्रामीणों ने आगे लिखा है कि जन प्रतिनिधियों के जाति के लोग इस गांव में नहीं रहते हैं, इसलिए वे इस मामले में कोई दिलचस्पी नहीं लेते। जिला प्रशासन को भी कई बार आवेदन दिया गया, फिर भी पढ़ाई शुरु नहीं हुई।

ग्रामीणों ने अंत में जिलाधिकारी सह निर्वाचन पदाधिकारी योगेन्द्र सिंह को सर्वसम्मति से दो टूक लिखा है कि जब तक स्कूल में पढ़ाई शुरु नहीं होगी, तब तक लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव में मतदान का वहिष्कार करेंगे।

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