एनडीए (जदयू) प्रत्याशी कौशलेंद्र को एक और बड़ा झटका, नीतीश की शिकन बढ़ी

परवलपुर (रंजीत)। वर्तमान समय में जिले के करीब बारह हजार नियोजित शिक्षक बिहार सरकार से नाराज चल रहे हैं। इन शिक्षकों के पारिवारिक बोट करीब चालीस हजार कौशलेंद्र कुमार के विरोध में टर्न कराने का प्रयास लगातार जारी हो रहा है।

इसके लिए राज्य के शिक्षक संघ के अलग अलग गुटों द्वारा जिले को फरमान जारी कर एनडीए का बिरोध करने का निर्देश भी जारी कर दिया गया है। इसी निर्णय एवं निर्देश के आलोक में जिला एवं प्रखंड कमिटी के अध्यक्षों ने बैठक उपरांत एनडीए के बिरोध में बोट करने हेतू प्रखंड स्तर पर जनसंपर्क अभियान भी चला रहे हैं।                                            

इसकी जानकारी कराते हुए अलग अलग गुटों के शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष सूर्य कांत सिंह कांत,अमिताव कुमार एवं रौशन कुमार द्वारा अपने अपने गुटों के शिक्षक संघ के प्रखंड अध्यक्ष अखिलेश कुमार, सुबोध कुमार एवं मुकेश कुमार से सदस्यों के बीच बैठक करने का अनुरोध किया गया था।

इसी अनुरोध के आलोक में  प्रखंड के कुल तीन सौ शिक्षकों के बीच बैठक कर निर्णय लिया है। उपर्युक्त अध्यक्षों का कहना है कि राज्य सरकार द्वारा हमलोगों को नियुक्त किया गया था। तब से आज तक मुख्यमंत्री द्वारा हमलोगों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। जब उच्च न्यायालय ने हमलोग के पक्ष में फैसला दिया तो सरकार उस फैसले के बिरोध में उच्चतम न्यायालय गई। जहां से हमारे बिरोध में निर्णय सुनाया गया। हमलोग न्यायालय का सम्मान करते हैं परन्तु राज्य सरकार द्वारा उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय जाने का बिरोध करते हुए इनके विपक्ष में वोट देने का निर्णय लिया है।

मौके पर ज्ञानरंजन शर्मा, जितेंद्र कुमार,प्रेम प्रकाश,प्रकाश चंद्र,मीरा कुमारी मौजूद थी।ईसके पहले प्रदेश जीविका संघ के अध्यक्ष चंदन बिहारी एवं कुणाल सत्यार्थी आदि मौजूद थे।

बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष आनन्द कौशल सिंह प्रदेश ने अपने जारी वयान में लिखा है कि  सबसे पहले हम आप सभी को माननीय सुप्रीम कोर्ट में जीत नहीं दिला पाने के लिए माफी मांगते है साथ ही इसके लिए आप सभी जो भी सजा देंगे वो मुझे कुबूल भी होगा । क्योंकि सुप्रीम कोर्ट में आप सभी की ओर से मुझे भी प्रतिवादी और केवीएटर बनाया गया था ।

आप लोग केस जीतने के लिए मुझे तन-मन-धन से साथ भी दिया था । इसलिए सर्व प्रथम हम इस हार की जिम्मेवारी लेते है,लेकिन माननीय सुप्रीम कोर्ट में राज्य और केंद्र सरकार के साजिश से शिक्षकों को मायूस और निराशा करने वाले न्यायादेश पारित करवाने के कारण मिली हार का बदला लेना तत्काल बहुत जरूरी हो गया।

हमने लोकसभा चुनाव प्रारंभ होने से पहले भी शिक्षक विरोधी जदयू-बीजेपी गठबंधन वाली नीतीश सरकार के खिलाफ इस लोकसभा चुनाव में वोट देने की अपील आप सभी शिक्षक भाई-बहन से किया था।

सभी शिक्षक साथियों से पुनः निवेदन है कि वह अपने परिवार और साथियों के साथ बिहार और केंद्र सरकार के विरोध में वोट कर शेष बचे बिहार के 16 लोकसभा क्षेत्रों में हराकर उन्हें औकात बताने की कृपा करें करे।

बिहार में बचे सभी 16 सीटों से बीजेपी,जदयू और लोजपा गठबंधन के सभी उम्मीदवारों को हराने के लिये अपने साथी, रिस्तेदारों को इनलोगों के विरोध में वोट देने के लिए प्रेरित करें,ताकि शिक्षकों की ताकत का एहसास हो सके। 

बिहार के 16 लोकसभा क्षेत्रों में होने वाले चुनाव में सभी शिक्षकों को तत्काल अपना आक्रोश प्रकट करना वेहद जरूरी है।   

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