बिहार शरीफ (नालंदा)।  आखिर नालंदा पुलिस कितने तरह के बोझ को अपने कांधे पर उठाते फिरेगी क्योंकि अक्सर पुलिस को चोर और गुंडों के पीछे लाठी डंडे लेकर भागते देखा होगा।

वैसे तो पुलिस का नाम ही सुनकर लोगों के मन में एक अलग ही ख्यालात आता है क्योंकि आज पुलिस की छवि ज्यादातर हिस्सों में धूमिल होती जा रही है, लेकिन अगर इस तस्वीर के तरफ नजर दौड़ाई जाए तो पुलिस का एक अलग ही चेहरा नजर आता है।

क्योंकि अक्सर खाकी वर्दी किसी ना किसी रूप में बदनाम ही होती रही है। लेकिन यहां आज भी कई ऐसे खाकी वर्दी वाले पुलिसकर्मी है, जो अपने वर्दी की गरिमा को बनाए रखे हैं।

ऐसा ही कुछ मामला दीपनगर थाना क्षेत्र इलाके का है। जहां दीपनगर मंडल कारा में बंद राजगीर निवासी कैदी तरुण केवट नहाने के दौरान अचानक फिसल गया। जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया।

आनन-फानन में जेल में पदस्थापित सुरक्षाकर्मियों के द्वारा मंडल कारा विभाग के एंबुलेंस के सहारे आईएसओ प्रमाणित बिहार शरीफ सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन अपनी आदतों से लाचार बिहार सदर अस्पताल एक बार फिर से सुर्खियों में उस वक्त आ गया आ गया, जब कैदी को उठाने के लिए स्ट्रेचर मैन की उपस्थिति नहीं दिखी।

दर्द से कराह रहे कैदी को आखिरकार सुरक्षा में लगे तीन पुलिसकर्मियों ने अपने कंधे पर उठाकर एक्सरे रूम तक ले जाया गया।

अब सवाल यह उठता है कि आईएसओ प्रमाणित सदर अस्पताल में इस तरह के मामले में क्यों सामने आते रहते हैं। वैसे भी स्वास्थ्य विभाग एक ऐसा बीमारी है, जो हमेशा से लाईलाज ही रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here