परबलपुर अस्पताल के डॉक्टर की लापरवाही से एक महिला की मौत

लावारिस को अस्पताल के बेड पर नहीं, टेम्पू पर हीं कर दिया ईलाज, एम्बुलेंस नहीं भी नहीं दिया, मौत, हवा में सीएम का जिला…..

परबलपुर(रंजीत)। घटना शनिवार देर शाम का है। सत्तर वर्षीय महिला बेन रोड स्थित अरावां मोड़ के समीप खून से लदफद एवं वेहोश होकर सड़क किनारे पड़ी थी। बेन तरफ से आ रहे एक कार बाले व्यक्ति का उस महिला पर नजर पड़ा तो वे टेम्पू द्वारा महिला को ईलाज हेतू परबलपुर बाजार के एक निजी क्लिनिक में लाया।

जहां से डाक्टर ने स्थानीय अस्पताल ले जाने की सलाह दिया। इसके बाद युक्त व्यक्ति ने टेम्पु पर पड़े महिला को ईलाज हेतू स्थानीय अस्पताल ले आया। जहां के चिकित्सा प्रभारी डाक्टर चंद्रदेव सिंह के निर्देश पर लगभग आधे घंटे तक प्राथमिक उपचार टेम्पू पर हीं कर दिया गया।

इसके बाद अचेत महिला का बेहतर ईलाज हेतू बिहार शरीफ रेफर कर दिया गया। जहां देर रात्रि में उसकी मौत हो गया। महिला की पहचान लाली देवी पति पूना महतो ग्राम अमेरा थाना थरथरी के रूप में की गई।

आश्चर्य है कि बेन थाना इलाके में इस तरह की घटना घटी, लेकिन बेन पुलिस को भनक भी नही लग सकी। जो शर्मानाक ही नहीं कार्रवाई योग्य है। जानकारों के अनुसार जबकि उसे सु समय सूचना दी गई थी।

महिला बेन सड़क के माध्यम से पैदल बेन प्रखंड के खैरा पंचायत स्थित मढ़पर गांव में जा रही थी। जहां उसकी बेटी के घर में शादी का आयोजन था। पूर्व में भी महिला के पति पूना महतो एवं एकलौते पुत्र का देहांत हो चुका था। महिला अपने तीन बेटी पर भरोसा कर जीवन को खे रही थी।

परबलपुर अस्पताल की ओर से बिहार शरीफ अस्पताल ले जाने हेतू कोई व्यवस्था नहीं किया गया तो एक सामाजिक कार्यकर्ता ने अपने निजी वाहन से सदरअस्पताल पहुंचाया। जहां इलाज के दौरान देर रात को महिला ने दम तोड़ दिया।

बता दे कि इसके ठीक पहले बेन परबलपुर के चिकित्सा प्रभारी चंद्रदेव प्रसाद द्वारा समाचार संकलन के लिए गए एक अखबार के पत्रकार के साथ दुर्व्यवहार करने पर प्रखंड प्रमुख धनञ्जय प्रसाद ने चिकित्सा प्रभारी को मानसिक विक्षिप्त बताते हुए वरीय पदाधिकारी से कारवाई करने की मांग किया और उन्होंने कहा कि जब कोई मरीज इलाज के लिए जाता है तो बिना स्टॉक देखे प्रभारी दवाई नही होने की बात कहकर लौटा दिया जाता है।

ऐसा ही घटना परबलपुर अस्पताल का है, जब मई गांव निवासी अशोक राम  को कुत्ता काट लिया और वह इलाज के लिए आया था उसे यह कहकर लौटा दिया कि कुते की सुई उपलव्ध नही है।

जबकि अस्पताल के स्वास्थ्य प्रवन्धक सत्यम कुमार ने पूछने पर कबूल किया कि सुई उपलव्ध था लेकिन प्रभारी द्वारा गलती किया गया। जब इस बाबत प्रभारी से पूछा गया तो आग बबूला हो गए और अनाप शनाप बोलने लगे जो अस्पताल परिसर को भी तार तार कर दिया।

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