“ऐसे रसूखदार शिक्षक को  लेकर कोई आला अधिकारी भी कार्रवाई करने से भय खा रहे हैं। फर्जी अंक प्रमाण पत्र पर बहाल शिक्षकों का वेतन त्यागपत्र के बावजूद जारी है। यह जांच अलग का विषय है…..”

एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क (रंजीत)। नालंदा जिले के बेन प्रखंड क्षेत्र के सात शिक्षकों का फर्जी अंक प्रमाण पत्र पाए जाने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी ने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को आदेश निर्गत कर फर्जी शिक्षकों पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था। लेकिन प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने आला अधिकारियों के आदेश के बावजूद अभी तक प्राथमिकी दर्ज करने का हिम्मत नहीं जुटा पा रही है।

बता दें कि जो शिक्षक 2012 में नियोजित शिक्षक के रूप में योगदान दिया था और ऐसे शिक्षकों को ज्यों ही पता चला कि वे लोग फर्जी अंक प्रमाण पत्र पर बहाल हैं, उन पर कार्रवाई हो सकती है तो अपने स्वेच्छा से 2015 में त्यागपत्र दे दिया था। उस अवधि का वेतन शिक्षकों ने उठाया था

जबकि वरीय पदाधिकारियों का यह आदेश था कि ऐसे शिक्षकों पर कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराएं। लेकिन बात यहीं खत्म नहीं होती है।

आश्चर्य की बात है कि ऐसे सभी शिक्षक 2015 में त्यागपत्र देने के बावजूद फरवरी 2019 तक वेतन उठा रहे थे।  ऐसी रसूखदार शिक्षक को  लेकर कोई आला अधिकारी भी कार्रवाई करने से भय खा रहे है। इस तरह के फर्जी अंक प्रमाण पत्र पर बहाल शिक्षकों का वेतन त्यागपत्र के बावजूद जारी है। यह जांच अलग का विषय है।

शिकायतकर्ता देवेंद्र प्रसाद ने बताया कि उन्होंने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी और जिला शिक्षा पदाधिकारी को इसकी सूचना जिला पदाधिकारी को दी है, जहां से ऐसे शिक्षकों पर कार्रवाई के लिए प्रखंड को लिखा भी गया था।

विभाग द्वारा फर्जी शिक्षकों को वेतन भुगतान जारी……

जब प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से इस बाबत संपर्क किया गया तो उन्होंने बाद में मिलने का बहाना बनाकर कुछ भी बताने से इन्कार कर दिया।

इससे यह प्रतीत होता है कि प्रखंड शिक्षा विभाग की मिलीभगत से ऐसे फर्जी शिक्षकों को विद्यालय में पनाह दिया जा रहा है और मनोज कुमार पिता बसंत राम ग्राम कुतलूपुर पोस्ट बारा थाना बेन, जो प्राथमिक विद्यालय बालचंद बिगहा में अभी भी शिक्षक पद पर विराजमान हैं।

इस शिक्षक पर आरोप है कि उसका मूल प्रमाण पत्र, हिंदी साहित्य सम्मेलन इलाहाबाद का है। जो प्रधान सचिव अंजनी कुमार सिंह के निर्देशानुसार बिल्कुल फर्जी है। ऐसे संस्थानों की एक सूची भी जारी की गई है। फिर भी बेन प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी द्वारा ऐसे फर्जी शिक्षकों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।

देवेंद्र प्रसाद ने बताया कि पूर्व में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी नालंदा के पत्रांक 5404 दिनांक 29 11, 2012 के आदेशानुसार इनका नियोजन समाप्त करने का आदेश दिया गया था।

लेकिन पदाधिकारी के आदेश को धत्ता बताते हुए ऐसे शिक्षकों को कार्रवाई की जगह नियमित वेतन भुगतान कर महिमा मंडित किया जा रहा है।  इसकी सूचना मुखिया एवं पंचायत सचिव को पत्र के माध्यम से अवगत कराया जा चुका है कि क्यों ना इन्हें पदच्युत किया जाए। लेकिन पदाधिकारी की लापरवाही से ऐसे शिक्षकों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।

शिकायतकर्ता लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के यहां भी मामला दर्ज करा चुके हैं, लेकिन 2 महीने बीत जाने के बावजूद इस कार्यालय से भी कोई कार्रवाही नहीं किया गया। इस तरह से ऐसे फर्जी शिक्षकों को बचाने में संलिप्त पदाधिकारी पर कार्रवाई करने की मांग शिकायत कर्ता ने की।

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