बिफरे पूर्व विधायक अनिल सिंह- थानेदार तो दूर, एसपी तक नहीं उठाता फोन, की डीजीपी से शिकायत

एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क। नालंदा के चंडी प्रखंड में बढ़ते अपराध की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए चंडी के पूर्व विधायक एवं भाजपा नेता अनिल सिंह ने कहा कि एक घटना को लेकर उन्होंने चंडी थाना प्रभारी को फोन किया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।

यहाँ तक कि नालंदा एसपी का भी वही हाल है। उन्होंने भी फोन नहीं उठाया। तब जाकर श्री सिंह ने डीजीपी को फोन किया। उन्होंने कहा कि फिलहाल मीटिंग में है। बात करते हैं।

पूर्व विधायक एवं भाजपा नेता अनिल सिंह…..

बताया जाता है कि चंडी थाना क्षेत्र के माधोपुर गांव में आधी रात को ड्राइवर के घर में गुरुवार को पांच बदमाशों ने घर मे धावा बोल दिया। लूट का विरोध करने पर गृहस्वामी के पुत्र पर लाठी से हमला बोल दिया।

इस दौरान बदमाशों के चंगुल से छूटकर किसी तरह किवाड़ खोलकर बाहर आया। उसके बाद बाहर खड़ा चोर ने रोड़ेबाजी करना शुरु कर दिया। जिससे नीरज कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया। इसकी सूचना पुलिस को दिया, लेकन पुलिस घटनास्थल पर नहीं पहुंची।

घटना के सबन्ध में गृहस्वामी रामप्रवेश पंडित ने बताया कि करीब बारह बजे रात को मेरा बेटा पढ़कर सो ही रहा था कि अचानक से आवाज हुई। इसी दौरान उसका बेटा नीरज ने एक बदमाश को पकड़ लिया।

एक बदमाश को पकड़ते देख दूसरे बदमाश ने लाठी से हमला बोल दिया। नीरज किसी तरह  दरवाजा खोलकर बाहर आया। तभी बाहर तीन बदमाश ने नीरज पर रोड़ेबाजी करना शुरू कर दिया। जिससे नीरज का सर फट गया और वह गंभीर रुप से घायल हो गया।

इधर रोड़ेबाजी होते देख घर के अगल बगल के लोग जागते देख सभी बदमाश भाग गया। बदमाश के भागने के दौरान बैग में दो गोली छूट गया। गोली को ग्रामीणों ने पुलिस के पास जमा कर दिया।

इधर थानाध्यक्ष चंचल कुमार ने बताया कि चोरी करने गया था। लेकिन घर के लोग जागने से चोरी नहीं कर पाया।

चंडी विधानसभा (जो कि अब हरनौत विधानसभा हो गया) पूर्व विधायक अनिल सिंह ने पुलिस के क्रियाकलापों पर खासे नाराज दिख रहे है।

उन्होंने कहा कि माधोपुर की रात्रि की घटना को सूचना देने के लिए चंडी थानाध्यक्ष को लगातार फोन कर रहे थे। लेकिन रिसीव करना मुनासिव नहीं समझा। इसकी शिकायत करने के लिए एसपी को फोन की लेकिन एसपी भी फ़ोन उठाना मुनासिब नहीं समझा।

श्री सिंह ने कहा कि नालन्दा जिला में लगातार क्राइम बढ़ा रहा है, लेकिन पुलिस इस मामले में शिथिल है। कोई घटना की जानकारी देना चाहता है तो थानाध्यक्ष को क्या कहें, एसपी तक कॉल तक रिसीव नही करती है।

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