एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क।  नालंदा जिले के इस्लामपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में एक नवजात के कथित चोरी के ममले को लेकर लोगों भारी बवाल खड़ा कर दिया है।

खबर है कि बवालियों ने स्वास्थ्य केन्द्र में भारी तोड़फोड़ की है। पुलिस पर जमकर पथराव किया है। सड़क पर हंगामा करते हुए कई वाहनों के शीशे तोड़ दिए हैं। अस्पताल के एंबुलेंस को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। पूरा मामला अनियंत्रित दिख रहा है। इस दौरान गोलीबारी की सूचना मिली है। लेकिन इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि फायरिंग पुलिस की ओर से बवासियों को नियंत्रित करने के लिए की गई है या फिर भीड़ की ओर से।

उधर हिलसा डीएसपी की अगुआई में पुलिस बवालियों से कड़ाई से निपटने के बजाय पिछले 5 घंटे से बहसबाजी में उलझी है। वहीं लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बवालियों की मांग है कि पुलिस गायब बच्चे को अविलंब लाकर दे।  

बता दें कि इस्लामपुर थाना इलाके के बौरी सराय निवासी मो महबूब की पत्नी आमना खातून को बीती 9.30 बजे रात डिलेवरी हुआ था और रात करीब तीन बजे एक सुनियोजित तरीके से एक महिला ने बच्चे को चुरा लिया।

परिजनों का का आरोप है कि अस्पतालकर्मियों ने सुनियोजित तरीके से नवजात की चोरी करवा दी है। अहले सुबह करीब 3.20 बजे में फिर बच्चे को भाप दिलवाने का बहाना बनाकर निकली और फरार हो गयी।

उधर, उस समय ड्यूटी पर तैनात अस्पतालकर्मियों का कहना है कि जच्चा की बूढ़ी सास ने एक महिला को अपना रिश्तेदार बताते सेवा सुश्रुवा करने के लिए साथ लाने की बात कही थी, जो कि परिजन के सामने ठीक वैसा करते देखी भी गई।

एक नर्स बताती है कि जब वह अहले सुबह जच्चा-बच्चा को देखने गई तो नवजात गायब था। पुछने पर जच्चा की सास ने बताया कि साथ आई महिला उसे भांप दिलाने ले गई है। इतना सुनते ही अस्पताल में माजूद सारे कर्मी के होश उड़ गए। सब इधर-उधर खोजने लगे। लेकिन उस महिला और बच्चा की कहीं भी पता नहीं चला।

इस्लामपुर अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे के अनुसार जो चित्र सामने आए हैं, वे भी कई सबाल खड़े करते हैं। उसमें बेड पर जच्चा सोई हुई है। उसके ठीक बगल में उसी बे़ड पर एक महिला बैठी हुई है। और उसी दौरान एक महिला नवजात को गोद में लेकर कहीं ले जाते नजर आती है।

एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क के पास कथित बच्चा चोरी को लेकर हंगामे व मौजूद पुलिस के बीच तब ड्यूटी पर तैनात एक नर्स का बयान सामने आया है, जो जच्चा की सास व अन्य परिजन के सामने कही प्रतीत होती है।

उक्त नर्स के अनुसार जच्चा की सास के साथ ही वह महिला आई थी, जो बच्चा ले गई है। सास ने उसे गांव का रिश्तेदार बताया था।

हालांकि इधर जच्चा के परिजनों का कहना है कि वह शुरु से ही उस महिला को अस्पताल की सेविका समझ रही थी, मौका पाते ही नवजात को लेकर फरार हो गई।

यदि हम दोनों पहलुओं को देखे तो यह भ्रम हो सकती है कि अस्पताल कर्मी बच्चा गायब करने वाली महिला को जच्चा के परिजन समझ ले और परिजन उसे अस्पताल सेविका।

बहरहाल, बात कुछ भी हो। नवजात की चोरी का यह मामला बड़ा संदिग्ध और रहस्यमय लग रहा है। जच्चा का पति कुछ और कहता है और अस्पतालकर्मी कुछ और बताते हैं। जच्चा के पति का कहना है कि उसे अस्पताल में जाने नहीं दिया गया। चोरी नवजात होते ही हो गई थी।

लेकिन सीसीटीवी फुटेज और घटना का समय साफ स्पष्ट करता है कि अहले सुबह जब बच्चा गायब हुआ, उस समय जच्चा की सास अस्पताल की बेड पर मौजूद थी और उसके सामने एक महिला नवजात को ले गया।

यह सारा मामला अस्पतालकर्मियों को जितने घेरे में लेती है, उससे कम नवजात के परिजनों को कटघरे में खड़ा नहीं करती। अब पूरा सच पुलिस-प्रशासन की पड़ताल पर आ टिकती है। इधर बवालियों के हंगामें के बीच मामला दूसरा स्वरुप लेता दिखाई दे रहा है।

 

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