मैरेज एनवर्सरी के बहाने चली नगर निगम की सियासत, बधाई देने पहुंचे पूर्व विधायक

“बिहार शरीफ नगर निगम के 28 वार्ड पार्षद पहले गिरिडीह के उत्सव पवन होटल में थे। उसके बाद उन लोगों को बड़े ही इज्जत के साथ बिहार शरीफ से महज 12 किलोमीटर की दूरी पर पावापुरी के एक बेहतरीन होटल अभिलाषा में रखा गया है….. “

एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क (दीपक विश्वकर्मा)। बिहार शरीफ नगर निगम के सहमत के खेल और उपमहापौर की कुर्सी को गिराए जाने के साजिश की खबर केबल हमने प्रसारित किया था और लगातार उन खबरों को पुख्ता तरीके से प्रकाशित करता रहा हूं।  आज फिर एक एक्स्क्लूसिव खबर आपको देने जा रहे हैं, जो शायद किसी मिडिया हाउस के पास मौजूद नहीं है।

बिहार शरीफ नगर निगम के 28 वार्ड पार्षद पहले गिरिडीह के उत्सव पवन होटल में थे। उसके बाद जब कल अविश्वास प्रस्ताव लाया जाना है तो उन लोगों को बड़े ही इज्जत के साथ बिहार शरीफ से  महज 12  किलोमीटर की दूरी पर पावापुरी के एक बेहतरीन होटल अभिलाषा में रखा गया है। 

आज इन  पार्षदों को इस शह मात के खेल से तब थोड़ी राहत  मिली जब इन लोगों को मालूम हुआ कि वार्ड पार्षद आरती देवी का आज मैरेज एनवर्सरी है। फिर क्या था। तुरंत हुक्म  किए गए। केक मंगवाए गए स्टेज सजाए गए।

आखिर मामला वार्ड पार्षद के मैरेज एनवर्सरी का था और खेल सियासत का।  अमूमन जो लोग भी इनके सरपरस्ती में मौजूद हैं। उनकी जिम्मेदारी बनती है कि उनके हर दुख सुख का ख्याल रखा जाए और यह बहुत ही अच्छा मौका मिला किसी वार्ड पार्षद का।

आज मैरेज एनवर्सरी हो गया। लोगों ने एक दूसरे को बधाइयां दी। फिर जश्न का माहौल शुरू हुआ। उसके बाद लोगों ने एक साथ खाना खाया और फिर से शुरू हो गई कल की सियासत यानी थोड़े समय के लिए गिरफ्त में रहे इन पार्षदों को खुलकर जीने का मौका मिला।

इस मैरेज एनवर्सरी की सबसे बड़ी खास बात यह रही कि हरनौत के पूर्व विधायक इंजीनियर सुनील अपने आप को रोक नहीं पाए और आरती देवी को बधाई देने के लिए पावापुरी पहुंच गए।

हालांकि इंजीनियर सुनील का यह कहना है कि बिहार शरीफ नगर निगम की सियासत से उन्हें कोई सरोकार नहीं है।  इस तरह की बात शहर के एक चर्चित व्यक्ति ने भी कहा था कि उन्हें नगर निगम की सियासत कोई सरोकार नहीं है। वे उस शख्श का नाम नहीं लेना चाहते हैं, मगर इंजिनियर सुनील के साथ उनकी तस्वीर देख आप खुद अंदाजा लगा सकते हैं ।

मामला चाहे जो भी हो लेकिन नगर निगम की जब भी सियासत हुई है, उसमें पूर्व विधायक इंजीनियर सुनील का अहम रोल  जरूर रहा है।  इस बार के इस शह मात के खेल में इनकी क्या सियासत है, यह तो वक्त बताएगा। 

चूकि नगर निगम तो एक बहाना है। इसमें सूबे के एक बड़े सियासत दार को शिकस्त देने की बात है।

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