“फिलहाल यहां सब मोदी लहर पर सवार दिख रहे हैं। लेकिन जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आएगी, इनके संगठन की नालन्दा में क्या तस्वीर होगी, यह आने वाला वक्त बताएगा। लेकिन यह तो तय है कि आल इज नॉट वेल इन नालन्दा फॉर बीजेपी…..”

एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क डेस्क।  भाजपा का संगठन पर्व सदस्यता अभियान पूरे भारत मे जोर शोर से चल रहा है, लेकिन नालन्दा जिला भाजपा के अध्यक्ष रामसागर सिंह क्षेत्र से पलायन कर गए हैं, कहीं दिख ही नही रहे।

वो तो शुक्र है कि संगठन के खेवनहार बने बिहारशरीफ विधानसभा में विधायक डॉ सुनील कुमार और नालन्दा विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी कौशलेंद्र कुमार उर्फ छोटे मुखिया सदस्यता अभियान में नालन्दा में बढ़ कर हिस्सा ले रहे है।

नालन्दा जिला के अध्यक्ष प्रेस विज्ञप्ति जारी कर लोकसभा चुनाव के बाद कौशलेंद्र कुमार छोटे मुखिया सहित सात ज़मीनी कार्यकर्ताओ को पार्टी से निष्कासित करने की जल्दबाजी की थी।

बाबजूद इसके बिहार प्रदेश भाजपा ने किसी के भी निष्कासन पर रोक लगा दी थी। क्योंकि जो राजनीतिक परिस्थिति है, वह विधानसभा चुनाव जदयू से अलग होकर लड़ने की बन रही है।

संगठन के तो प्रदेश नेता ने साफ साफ कह दिया कि चुनाव की तैयारी कीजिए। लोगो को जोड़िए, तोड़िये नहीं।

आज वही छोटे मुखिया नालन्दा जिला भाजपा की इज़्ज़त बचाने में लगे हैं और अपने सहयोगियों के साथ संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं।

कहते हैं कि नालन्दा अध्यक्ष रामसागर सिंह अमरनाथ यात्रा पर है और जिस छोटे मुखिया को पार्टी से निकाले वही नालन्दा का कमान संभाले है।

इनके द्वारा लगातार जिले में किसान चौपाल से लेकर कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिनमे सरकार के मंत्री से लेकर प्रदेश के नेतागण भी शामिल हो रहे हैं।

भाजपा संगठन के जनसंघ से जुड़े पार्टी नेताओं की माने तो नालन्दा के अध्यक्ष रामसागर सिंह और उनके महामंत्री राजेश्वर सिंह जो कई वर्षों से पार्टी में महामंत्री बने हैं।

वे कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करने के साथ सभी विधानसभा में दो चार प्रत्याशी घोषित कर अपनी राजनीति चमकाते रहते हैं।

संगठन के तो ऐसे भी पूर्व जिलाध्यक्ष और जनसंघ से जुड़े पुराने और प्रखर नेता है जिनको किसी कार्यक्रम में बुलाया ही नही जाता है।

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