“इस सड़क निर्माण पर 14 लाख 84 हज़ार 500 खर्च किए गए थे। इस निर्माण कार्य का एक वर्ष पूर्व उद्घाटन किया गया था, लेकिन हल्की सी बारिश भी बर्दाश्त नहीं हो पाया और भरभरा कर गिर गया…”

नालन्दा से दीपक विश्वकर्मा की रिपोर्ट

एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क। नालंदा जिला मुख्यालय बिहार शरीफ नगर निगम के द्वारा करीब 15 लाख रुपये की लागत से निर्मित सड़क हल्की बारिश का बोझ नहीं सह सका और सड़क भरभरा कर गिर पड़ा।

इधर घटिया निर्माण पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए नगर आयुक्त सौरभ जोरवाल ने न केवल इसकी जांच के आदेश दिए, बल्कि निर्माण करने वाली एजेंसी के भुगतान पर रोक लगाते हुए संबंधित अधिकारी के ऊपर विभागीय करवाई शुरू कर दी है।

उन्होंने कहा कि गुणवत्ता के मामले में किसी भी प्रकार का समझौता नही किया जा सकता। शहर के अन्य निर्माणों की भी जांच शुरू करवा दी गई है।

नगर आयुक्त के कड़े तेवर को देखते हुए एजेंसी और पेटी कांट्रेक्टर में हड़कंप मच गया है। चुकि कई निर्माण ऐसे हैं, जिनमे वार्ड पार्षदों की अहम भूमिका है।

बता दें कि बिहारशरीफ नगर निगम के वार्ड संख्या 3 में महज एक वर्ष पूर्व निर्माण किए गए सड़क पहली ही बारिश में बह गया। गुणवत्ता के अभाव में सड़क टूट गया, जिसके कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई है।

मालूम हो कि मुख्यमंत्री शहरी गली नाली पक्कीकरण योजना के अंतर्गत वार्ड नंबर 3 में हनुमान नगर सोहसराय राजा राम के मकान से कामेश्वर साव के प्लॉट तक नाला ढक्कन सहित एवं पीसीसी ढलाई निर्माण का कार्य किया गया था।

इस निर्माण पर 14 लाख 84 हज़ार 500 खर्च किए गए थे। इस निर्माण कार्य का एक वर्ष पूर्व उद्घाटन किया गया था, लेकिन हल्की सी बारिश भी बर्दाश्त नहीं हो पाया और भरभरा कर गिर गया। महज एक वर्ष में ही यह सड़क टूट गया।

इस सड़क को हल्की सी बारिश भी बर्दाश्त नहीं हो पाया और भरभरा कर गिर गया, जिससे नगर निगम क्षेत्र में निर्माण हो रहे कार्यों की गुणवत्ता पर सवालिया निशान खड़ा हो गया है।

इस मामले में बिहारशरीफ नगर निगम के नगर आयुक्त सौरभ जोरवाल ने बताया कि संबंधित एजेंसी के भुगतान पर रोक लगाते हुए मामले की जांच करवाई जा रही है। संबंधित उप नगर आयुक्त इस योजना की जांच करेंगे। संबंधित कनीय अभियंता से स्पष्टीकरण पूछते हुए कार्रवाई की अनुशंसा भी की जा रही है।  

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