“राजगीर की पौराणिक धरती हिंदुओ का महत्वपूर्ण देवभूमि है, किंतु कालान्तर में सरकारी उपेक्षा से हिन्दू धर्म से जुड़े धरोहर अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है…”

एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क। अखिल भारतीय जरासंध अखाड़ा परिषद की महत्वपूर्ण बैठक जरासंध भवन अजातशत्रु नगर राजगीर में समाजसेवी भागवत प्रसाद की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।

बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी 5 अगस्त तृतीय सोमवारी को सिद्धनाथ मंदिर, वैभारगिरी पर्वत पर जलाभिषेक सह धरोहर सुरक्षा संकल्प यात्रा की तैयारी पर विचार विमर्श के लिए रखा गया।

अखिल भारतीय जरासन्ध अखाड़ा परिषद जलाभिषेक के साथ इस धरोहर की सुरक्षा संकल्प भी दोहराएगी। जिसमें सभी शंकर भक्त मानव श्रृंखला भी इस परिसर में बनाएंगे जिसमे पूरे बिहार के अलावा विभिन्न राज्यो के भी भक्तगण  सोमवारी पूजा में जुटेंगे।

अखिल भारतीय जरासन्ध अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मिलन सिंह चन्द्रवँशी एवं राष्ट्रीय महासचिव श्याम किशोर भारती ने कहा कि महाभारतकालीन  ऐतिहासिक ,पौराणिक धरोहर सिद्धनाथ मंदिर जिसकी स्थापना मगध सम्राट जरासंध जी ने की थी आज काफी जीर्ण शीर्ण हालत में है ।

पुरातात्विक महत्व के इस सिद्धनाथ मंदिर ऐतिहासिक धरोहर की मान्यता है कि यहाँ मांगी गई हर मन्नतें आज भी पूरी होती है। लगभग 5 हज़ार वर्ष पूर्व की यह मंदिर की टूटती दीवारें अपनी बदहाली की दास्ताँ कह रही है।

राजगीर के पौराणिक इतिहास के पन्नो में इस धरोहर से जुड़ी कई किंवदंतियों में सिद्धनाथ मंदिर में पूरी होती मनोकामनाओं का जिक्र है।

हिन्दू धर्मावलंबियों के लिए ये पुनीत अवसर है कि इस जलाभिषेक में शामिल होकर अपने धर्म के अस्तित्व की रक्षा में समिल्लित हो।

इस अवसर पर अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मिलन सिंह चन्द्रवँशी, राष्ट्रीय महासचिव श्याम किशोर भारती, राष्ट्रीय सचिव बुलबुल चन्द्रवँशी, भागवत प्रसाद, अवधेश प्रसाद,सत्येंद्र कुमार,संजय कुमार,नन्दलाल चन्द्रवँशी, बबलू कुमार,राकेश कुमार, सुधीर कुमार, मिथलेश कुमार,शशिकांत कुमार आदि उपस्थित थे।

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