पुलिस हाजत में जदयू नेता की हत्या को लेकर बिहार रविदास विकास संघ तेवर तल्ख, किया DM का घेराव, कहा-SP-DSP पर हो केस

“प्रदर्शनकारी मृत जदयू नेता के परिजनों को 20 लाख मुआवजा एवं इस मामले में नालंदा एसपी और डीएसपी को साक्ष्य छुपाने का दोषी मानते हुए दोनों पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग कर रहे थे…..”

एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क। नालंदा जिले के नगरनौसा थाना पुलिस द्वारा जदयू प्रखंड अध्यक्ष गणेश रविदास की हाजत में निर्मम हत्या किए जाने के विरोध में बिहार रविदास विकास संघ के लोगों ने सड़कों पर प्रदर्शन करते हुए जिलाधिकारी का घेराव किया।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बेकसूर गणेश पासवान की पुलिस ने निर्ममता पूर्वक हत्या करने के बाद साक्ष्य छुपाने के लिए खिड़की में रस्सी बांधकर उनके शव को टांग दिया। यह पुलिस की घिनौनी करतूत को दर्शाता है।

इससे पहले लोगों ने शहर में घूमकर नारेबाजी की। लोग इस मौत को हत्या बता रहे थे।

उनका कहना था कि दलित समुदाय के एक नेता की पीटकर हत्या कर दी गयी। छोटे अधिकारियों को निलंबित कर मामले की लीपापोती की जा रही है।

प्रशासन उनकी बात नहीं सुनता है और एसपी-डीएसपी पर कार्रवाई नहीं होती है, तब डीजीपी या फिर मुख्यमंत्री का घेराव कर हक की लड़ाई लड़ेंगे।

प्रदर्शन में संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष रामाधीन रविदास के अलावा मदन रविदास, बाल जुगेश्वर, सत्येन्द्र रविदास, राजेन्द्र रविदास, गणेश रविदास, उपेन्द्र रविदास, सागर रविदास, सुरन दास, मुकेश दास, जितेन्द्र दास, डॉ. मनोज दास, सुरज रविदास, भाग्यचन्द्र दास, तारावती देवी, ललीता देवी, बलराम दास, मुसाफिर दास थे।

प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट गेट के पास घंटों नारेबाजी करते रहे। भीड़ के कारण सड़क जाम हो गयी। इस वजह से गाड़ियों की लंबी कतार लग गयी। छोटी गाड़ियां व दोपहिया वाहन तो इधर-उधर से अपने गंतव्य पर पहुंच गये।

बड़े वाहनों व उसमें फंसे यात्रियों को काफी फजीहत हुई। दूर-दूर से आये लोगों को जाम रहने से काफी परेशानी हुई। प्रशासन के चौकसी के काफी देर बाद जाम हटा। तब तक शहर की यातायात व्यवस्था अस्त व्यस्त रही।

प्रदर्शनकारियों ने मृतक के परिजनों को 20 लाख रूपए मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और उनके बच्चों को मुफ्त शिक्षा मुहैया कराए जाने की मांग की।

संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय कुमार ने कहा कि इस मामले में नालंदा एसपी और डीएसपी ने साक्ष्य छुपाने की कोशिश की हैं। इन दोनों के ऊपर भी प्राथमिकी दर्ज कर किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा, तब तक उनका यह आंदोलन चरणबद्ध जारी रहेगा।

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