कम्बल ओढ़ कर नहीं, यूं ओढ़ा कर घी पीते हैं राजगीर नगर पंचायत के जनप्रतिनिधि

एक्सपर्ट मीडिया न्यूज ने मार्च महीने में नगर पंचायत राजगीर द्वारा कम्बल क्रय की निविदा जब निकाली थी, तभी हमने समाचार प्रकाशित किया था कि गर्मी में ठंढी का एहसास….”

एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क।  कम्बल ओढ़ के घी पीने वाली तो कहावत आपने सुनी होगी, लेकिन कम्बल ओढ़ा के घी पीने का मामला यदि थोक भाव में हो तो समझिए कि यह सब नगर पंचायत राजगीर में ही संभव है।

नियमतः कम्बल खरीदना भी चाहिए निविदा प्रकाशन के बाद। लेकिन जब मार्च के गर्म महीने में कम्बल खरीदने की निविदा निकले तो ये तो हर कोई समझ सकता है कि मामला गड़बड़ है।

एक्सपर्ट मीडिया द्वारा निविदा प्रकाशन के साथ ही हरकत में आ जाने पर कम्बल बिल भुगतान को ठंढे बस्ते में डाल दिया गया। लेकिन नगर पंचायत सूत्रों के अनुसार दो दिन पूर्व नगर पंचायत के सभाकक्ष में सशक्त स्थायी समिति की बैठक हुई।

नगर के अध्यक्ष उर्मिला देवी, उपाध्यक्ष पिंकी देवी सहित सशक्त कमिटी के सदस्य वार्ड 8 के सुवेन्द्र राजवंशी,  वार्ड 12 के ज्योति देवी और वार्ड 16 के साधना देवी के साथ हुई बैठक में फिर से कम्बल भुगतान का जिन्न निकाले जाने की सूचना है।

विश्वस्त सूत्रों के अनुसार लगभग 3 हज़ार कम्बल खरीद की योजना पर कार्य प्रगति पर है। लेकिन प्रश्न यह है कि राजगीर के उन्नीस वार्डो में प्रति वार्ड यदि कम्बल बांटे भी गए तो कितने? उन्नीस वार्ड में यदि कम्बल बंटे तो सभी वार्ड के लाभुकों की सूची आखिर क्यों कार्यालय के पास उपलब्ध नहीं है?

नगर पंचायत के कर्मियों को भी जानकारी नहीं है कि किस वार्ड में कम्बल बंटे और किसने कितने बांटे। और यदि वास्तव में कम्बल बंटा भी तो किसने लागत पूँजी को डबल करने की कोशिश की।

बहरहाल मामला दिलचस्प है कि गर्मी में बंटा यह कम्बल क्या क्या रँग दिखायेगा। वहीं कुछ जनप्रतिनिधि और नगर के शुभचिंतक इस संदर्भ में विभाग के पदाधिकारियों को सूचित कर मामले की जांच की मांग की है।

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