अपनी मांगों को लेकर नियोजित-नियमित शिक्षकों का सभी प्रखंड मुख्यालय पर धरना

नालंदा दर्पण (बिहार शरीफ)। आज नालंदा जिले के सभी प्रखंड मुख्यालय में बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले चरणबद्ध आंदोलन की प्रथम कड़ी में नियोजित एवं नियमित शिक्षकों ने एक साथ मिलकर नौ सूत्री मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना दिया।

शनिवार को प्रखंड कार्यालय चंडी के समक्ष धरना की अध्यक्षता बिहार अराजपत्रित प्रारम्भिक शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष धर्मवीर सिंहतथा संचालन बिहार प्रारंभिक शिक्षक संघ के सचिव सतेन्द्र प्रसाद ने किया।

धरना को संबोधित करते हुए परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ सह बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति नालंदा के जिलाध्यक्ष ने कहा कि सरकार को अगर सचमूच में शिक्षा की चिंता है और वह बिहार के स्वर्णिम इतिहास की ओर ले जाना चाहती है तो शिक्षकों से टकराकर रास्ता छोड़कर इन शिक्षकों को सम्मान देने की रास्ता अपनाएँ। नियोजित शिक्षकों के सभी मांगो को पूरा करके उन्हें सम्मान दिया जा सकता है ।

उन्होंने कहा कि जिस तरह से सरकार के इशारे पर शिक्षकों के साथ अपराधियों की तरह व्यवहार किया जा रहा है, वह कतई उचित नहीं है। यह सरकार का हिटलरशाही और तानाशाही रवैया है। इसके खिलाफ शिक्षक सड़क से लेकर न्यायालय तक कि लड़ाई लड़ेगें।

उन्होंने कहा कि जिस देश या प्रदेश में शिक्षकों की जायज मांगो को कुचला जा रहा हो ,शिक्षकों को अकारण प्रताड़ित किया जा रहा हो, वहाँ कि शिक्षा व्यवस्था कैसी होगी । यह सहज अनुमान लगाया जा सकता है। 

उन्होंने कहा कि यह मात्र शिक्षकों की लड़ाई नही है बल्कि यह आने वाली पीढ़ी की लड़ाई है। हमें यह सोचना होगा कि लोगों को यह बताया जाय कि सरकार आखिरकार समान शिक्षा प्रणाली की रिपोर्ट क्यों धूल फांक रही है। उसे क्यों लागू नही किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जब तक मंत्री, अधिकारी और भंगी का लड़का-लड़की एक साथ एक विद्यालय में नही पढ़ेगा, एक साथ एक पंक्ति में  बैठकर मध्याह्न भोजन नहीं करेगा, तब तक समानता कहना बेईमानी है और समाजवाद का नारा ढकोसला है। इस बात को लोगों को समझाना होगा।

उन्होंने कहा कि आंदोलन की दूसरी कड़ी में 17 अगस्त को जिला मुख्यालय पर धरना दिया जाएगा और तीसरी कड़ी में 05 सितम्बर शिक्षक दिवस दिन सरकारी कार्यक्रम को बहिष्कार कर पटना के गांधी मैदान में गांधी जी के प्रतिमा के समीप सभी शिक्षक मुँह पर काली पट्टी बांधकर सत्याग्रह करेंगे।

धरना के अंत में शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन प्रखंड विकास पदाधिकारी को सौपें। 

धरना में बिहार अराजपत्रित प्रारंभिक शिक्षक संघ के संयुक्त सचिव विवेकानंद सविता ,अध्यक्ष मुकेश कुमार, धर्मवीर सिंह परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष जन्म जय कुमार शाही , सचिव जीतन कुमार, कोषाध्यक्ष संतोष कुमार निराला, बिहार प्रारंभिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार, सचिव सतेंद्र प्रसाद, सुधांशु कुमार, पंकज कुमार, अनन्त कुमार,प्रेम कुमार सुंदरम, विनय कुमार, ललिता कुमारी, कुमारी कल्पना, अनिता कुमारी, नीतू कुमारी, रामू प्रसाद आदि शामिल थे।

उनकी मांगे…..

(1) नये शिक्षकों (नियोजित) को पुराने (नियमित) शिक्षकों की भांति वेतनमान देकर राज्य कर्मी का दर्जा दिया जाय ।

(2) नियोजित शिक्षकों को पुराने (नियमित) शिक्षकों की भांति सेवाशर्त , नियोजन इकाई से बाहर स्थनन्तरण की सुविधा एवं वेतन संरक्षण का लाभ दिया जाय ।

(3) पुरानी पेंशन योजना का लाभ सभी नियोजित शिक्षकों को दिया जाय ।

(4) वेतन निर्धारण की विसंगति को दूर किया जाय और ग्रेड पे में 2.57 से गुणा कर नव प्रशिक्षित शिक्षकों को प्रशिक्षित वेतन निर्धारण किया जाय ।

(5) मृत शिक्षकों के आश्रितों को टी ई टी एवं प्रशिक्षण के नियम को शिथिल करते हुए अनुकम्पा का लाभ दिया जाय ।

(6) नियोजित शिक्षकों को ग्रुप बीमा एवं सामान्य भविष्य निधि का लाभ दिया जाय ।

(7) शहरी क्षेत्र के कार्यरत सभी नियोजित शिक्षकों को नियमित शिक्षकों की तरह शहरी परिवहन भत्ता का लाभ दिया जाय ।

(8) ओडियल सहित अन्य प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षकों को यथा शिघ्र अंक पत्र और प्रमाण पत्र दिया जाय ।

(9) समान शिक्षा प्रणाली लागू किया जाय ।

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