एक करोड़ का बकरा करोबार, लेकिन खरीदार के इंतजार में 51 हजारी सुल्ताना

भारत सहित आस पास के देशो में ईद अल अज़हा 12 अगस्त 2019 यानि दो दिन बाद मनाई जाएगी। वहीं, सउदी अरब और बाकी के अरब देशों में यह 11 अगस्त 2019 यानि रविवार को ही मना ली जाएगी………….”

एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क (दीपक विश्वकर्मा)। बकरीद के मौके बिहार शरीफ के बाज़ारो में चहल पहल बढ़ गयी है। खासकर आलमगंज में शाम ढलते ही बकरा बाजार सज जाती है बीती रात आलम गंज 51 हजार रूपए के बकरा बेचने के लिए लाये गए, जो इस बाजार का आकर्षण रहा। इसका नाम सुल्ताना है।

हालांकि देर रात तक इस बकरे का खरीदार नहीं मिला। करीब 90 किलो के इस बकरे को देखने के लिए काफी लोग जुटे। बकरीद में आलम गंज मुख्य बाजार माना जाता है। शाम ढलते ही खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ती है। जिसके कारण इस इलाके की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाती है।

जानकर बताते हैं कि नालंदा के बकरा बाज़ारों में अब तक एक करोड़ रूपए से अधिक के बकरे की खरीदारी हो चुकी है। सिलाव ,नई सराय ,सोहसराय, आलम गंज सहित बिहार शरीफ के कई हाट में बकरे की खरीदारी हो रही है। 18 हजार से लेकर 51 हजार के बकरे इस बाजार की रौनक रही।

इस्लाम धर्मबलम्बी साल में दो ईद मनाते हैं। पहली ईद को ईद-उल-फितर कहा जाता है। भारत में इस ईद को आम ज़ुबान में मीठी ईद या सेवई वाली ईद भी कहा जाता है।

ईद उ ल फितर के तकरीबन दो महीने 10 दिन बाद ईद-अल-अज़हा या ईद-उल-ज़ोहा मनाई जाती है। ये ईद इस्लामिक कैलेंडर के आखिरी महीने ज़िलहिज्ज की दसवीं तारीख को मनाई जाती है।

भारत सहित आस पास के देशो में ईद अल अज़हा 12 अगस्त 2019 यानि दो दिन बाद मनाई जाएगी। वहीं, सउदी अरब और बाकी के अरब देशों में यह 11 अगस्त 2019 यानि रविवार को ही मना ली जाएगी।

मान्यता है कि ईद अल अज़हा मुसलमानों के पैग़म्बर और हज़रत मोहम्मद के पूर्वज हज़रत इब्राहिम की क़ुर्बानी को याद करने के लिए मनाई जाती है। अल्लाह ने इब्राहिम की भक्ति की परीक्षा लेने के लिए अपनी सबसे प्यारी चीज़ की कुर्बानी मांगी थी।

इब्राहिम ने अपने जवान बेटे इस्माइल को अल्लाह की राह में कुर्बान करने का फैसला कर लिया। लेकिन वो जैसे ही अपने बेटे को कुर्बान करने वाले थे, अल्लाह ने उनकी जगह एक दुंबे को रख दिया। अल्लाह सिर्फ उनकी परीक्षा ले रहे थे।

दुनिया भर में मुसलमान इसी परंपरा को याद करते हुए ईद-अल-अज़हा या ईद-उल-ज़ोहा मनाते हैं। इस दिन किसी जानवर की कुर्बानी दी जाती है।

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