पर्यावरण सुरक्षा पर जनप्रतिनिधि-प्रशासन कितने सजग है, यह नालन्दा सांसद सहित समाज के शुभचिंतकों द्वारा रोपे गए पेड़ से ही पता चलता है………..”

एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क। नालंदा सांसद कौशलेंद्र कुमार द्वारा रोपे गए पीपल के पेड़ को बकरी सात दिन में ही चर गयी।

11 सितबंर,2019 को रोपा गया पीपल का पेड़ यदि एक सप्ताह के अंदर  ही लुप्त हो जाये तो इससे बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण मानव प्रजाति के लिए हो ही नहीं सकता।

सुशासन बाबू के गृह जिले नालन्दा के बड़गांव में बीते 11 सितबंर को पर्यावरण संरक्षण पर परिचर्चा का आयोजन सूर्यनारायण जागृति मंच के द्वारा होता है।

मुख्य अतिथि नालन्दा के सांसद कौशलेंद्र कुमार ,राजगीर के अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार और भाजपा के पूर्व प्रत्याशी छोटे मुखिया भी सम्मिलित होते है।

एक फिट के पीपल के पेड़ में दर्जनों लोग लटककर जमकर फोटो पोज देते है, अखबारों और मीडिया की सुर्खियां बनती है और भाषणों में प्रकृति की सुरक्षा पर दिल खोलकर डींगें हाँकी जाती है और जमकर तालियां बटोरी जाती है ।

लेकिन अफसोस कि जिस पर्यावरण की सुरक्षा का संदेश सभी माननीय देना चाहते है उस प्रतीक रूपी पीपल पेड़ को बकरी खा जाने की सूचना क्षेत्र में फैलती है ।

जलसंकट, ग्लोबल वार्मिंग, पर्यावरण प्रदूषण के विकट परिस्थितियों के बाबजूद आखिर नेता से लेकर अफसर और तथाकथित समाजसेवी कब तक पेड़ो की सुरक्षा पर जगहंसाई करते रहेंगे।

आम आदमी में राजनीतिक छवि के दिखावे ज़रूरी है लेकिन पेड़ो,पर्यावरण, जल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण संसाधनों की रक्षा सुरक्षा में खिलवाड़ आने वाले समय मे पैरों पर कुल्हाड़ी मारने वाली बात साबित होगी

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