अवैध उगाही के लिए आम सभा में बिना प्रक्रिया के ही अतिपिछड़ा सीट पर पिछड़ा वर्ग के महिला अनुराधा कुमारी की बहाली कागज पर ही कर दिया। जबकि आमसभा में प्रक्रिया के साथ किसकी बहाली हुई है, वह भी बताया जाता है………….”

एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क। नालंदा जिले के चंडी प्रखंड के हसनी पंचायत के वार्ड नम्बर एक में पिनीपर केंद्र संख्या 198 पर आंगनबाड़ी सेविका की बहाली को लेकर आयोजित आमसभा में धांधली को लेकर जमकर नोकझोंक,  हंगामा व रोड़ेबाजी किए जाने की खबर है।

बताया जाता है कि सामुदायिक भवन परिसर में आयोजित आमसभा में अति पिछड़ी की बहाली नहीं होने से गुस्साये ग्रामीणों ने हो-हंगामा शुरू कर दिया। बात इतनी बढ़ गई कि हाथापाई की स्थिति उतपन्न हो गई।

हंगामे के बाबजूद भी महिला पर्यवेक्षिका नीता कुमारी द्वारा आमसभा कराने के दौरान नोकझोंक व रोडेबाज़ी के बीच कर वहाँ से भाग खड़ी हुईं।

ग्रामीण चुनिया देवी, फुलवा देवी, कारी देवी, सवींती देवी, रुकमणी देवी, पूना कुमार, अरविंद जमादार, सुरेश जमादार, रामबली जमादार समेत ग्रामीणों का कहना है कि हसनी पंचायत के पिनीपर गांव कोड संख्या-198 पर वर्ष 2018 में अति पिछड़ी जाति के लिए आंगनवाड़ी में सेविका के लिए वैकेंसी निकला था, जिसमें अतिपिछड़ी से अनिता कुमारी व पिछड़ी जाति से अनुराधा कुमारी ने आवेदन दी थी।

तभी से अभी तक छह बार अति पिछड़ी जाति के लिए बहाली के लिए आम सभा हुआ। सभी आम सभा हंगामे का भेंट चढ़ चुका है।

ग्रामीणों ने बताया कि आम सभा के लिए कई बार सीडीपीओ कार्यालय में आकर महिला पर्यवेक्षिका से संपर्क साधा, लेकिन हर बार हम लोगों को बरगलाकर कहा जाता था कि आम सभा की सूचना आप लोगों को मिल जाएगा। लेकिन सातवां वार बिना प्रचार प्रसार के ही अचानक 21 सितम्बर को बहाली के लिए आमसभा लगा दिया।

ग्रामीणों ने महिला पर्यवेक्षिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि महिला पर्यवेक्षिका अवैध उगाही के लिए आम सभा में बिना प्रक्रिया के ही अतिपिछड़ा सीट पर पिछड़ा वर्ग के महिला अनुराधा कुमारी की बहाली कागज पर ही कर दिया।

जबकि आमसभा में प्रक्रिया के साथ किसकी बहाली हुई है, वह भी बताया जाता है। जिसको लेकर ग्रामीण लोग हंगामा करने के साथ ही रोड़ेबाजी करने लगा।

उन लोगों ने कहा की पिछड़ी जाति की सीट पर पिछड़ी जाति की बहाली हो। अगर पिछड़ी जाति को इंसाफ़ नहीं मिलेगा तो हम सभी गाँव के पिछड़ी जाति के लोग मंगलवार को प्रखंड कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन करेंगे और फ़र्ज़ी बहाली का पोल खोलकर रख देंगे। सीट अतिपिछड़ा का और बहाली पिछड़ा का हो ऐसा पदाधिकारी की मिली भगत से होता है

उधर सीडीपीओ अलका कुमारी की दलील है कि पीनिपर गांव में वर्ष 2018 में बहाली निकली थी। जिसमे अतिपिछड़ा सीट पर बहाली होनी थी। दो कंडीडेट एक पिछड़ी जाति से तथा एक अतिपिछड़ी जाती से फार्म भरा गया था। जिसमें अति पिछड़ी जाति के कंडीडेट के पति झारखंड में स्वास्थ विभाग में बारह हजार से अधिक मानदेय पर जॉब करते थे।

इसलिए 2015 के मार्गदर्शिका के आलोक में बारह हजार मानदेय अधिक रहने के कारण अतिपिछड़ा कंडीडेट को न कर पिछड़ा जाति के कंडीडेट को बहाली किया गया था।

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