डीएम साहब, क्या बताता है इस प्रखंड-अंचल कार्यालय में जड़ा ताला?

हर तरफ जनप्रतिनिधि-अफसर-दलालों की तिकड़ी कब्जा कर रखा है। योजनाओं में लूट-कमीशनखोरी इनका मुख्य एजेंडा है। यह आलम सीएम नीतीश के गृह जिले नालंदा की है। जाहिर है कि यहां सिर्फ विकास की हवाबाजी चल रही है। जमीनी हकीकत काफी बदहाल है। कहीं कोई सुनने वाला नहीं है.……..”

नालंदा दर्पण डेस्क। खबर है कि  करायपरसुराय प्रखंड कार्यालय को बिचौलिये चला रहे हैं। हर काम उनके मार्फत ही किया जाता है। इससे किसानों के साथ ही अन्य लोगों को परेशानी हो रही है। इसके खिलाफ बीते कल प्रखंड प्रमुख के नेतृत्व में लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रखंड कार्यालय में ताला जड़ दिया।

प्रखंड-अंचल कार्यालय के मेन गेट पर ताला जड़ खड़ी प्रमुख और मनुहार करते बीडीओ-सीओ…..

जनप्रतिनिधि अधिकार संघर्ष समिति के सदस्यों ने इसके खिलाफ काफी देर तक नारेबाजी की। इस दौरान प्रखंड व अंचल के साथ ही मनरेगा कार्यालय में ताला बंद कर कार्य बाधित कर दिया।

प्रमुख मीना देवी के अनुसार प्रखंड क्षेत्र में आयी बाढ़ आपदा में भ्रष्टाचार चरम पर है। बिना बिचौलियों व रिश्वत के कोई काम नहीं हो रहा है। प्रखंड की 7 पंचायतों में मात्र एक पंचयात डियावां को सूखा तत्काल राहत में बिचौलियों के मार्फत मनमानी ढंग से चयनित किया गया।

बाढ़ से सभी पंचायतें प्रभावित हुई हैं। लेकिन, सीओ व बीडीओ ने मनमानी तरीके से मात्र छह पंचयातों को बाढ़ प्रभावित रिपोर्ट भेजी। इससे नाराज प्रमुख समर्थक ने प्रखण्ड मुख्यालय, सीओ कार्यालय, कृषि कार्यालय व मनरेगा कार्यालय में सुबह 9 बजे ताला जड़ दिया।

प्रमुख ने बीडीओ व सीओ पर आरोप लगाया की बिचौलियों के माध्यम से ही कार्य हो रहे हैं। गरीब परेशान हैं। इंदिरा आवास योजना में बिचौलियों के माध्यम से वसूली की जा रही है। किसानों को अभी तक डीजल अनुदान नहीं मिला है। बाढ़ पीड़ितों को गृह क्षति मुआवजा नहीं मिला है। कबीर अंत्योष्टि की राशि समय पर गरीबों को नहीं मिलती है।

इस प्रदर्शन के बाद भी कार्यशैली में सुधार नहीं हुई तो अनिश्चतकालीन धरना दिया जायेगा। प्रखंड परिसर में तीन घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। इसके बाद बीडीओ व सीओ द्वारा काफी समझाने पर ताला खोला गया।

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