हरनौत के हथियार तस्कर वशिष्ठ राम को 3 साल कठोर कारावास की सज़ा, प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी मानवेन्द्र मिश्र की अदालत ने दी सजा

नालंदा दर्पण।  बिहार शरीफ व्यवहार न्यायालय के प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी मानवेन्द्र मिश्र की अदालत ने आर्म्स एक्ट के मामले में एख व्यक्ति को दोषी करार देते हुए 3 वर्ष की कठोर कारावास एवं 10 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है।

हरनौत थाना कांड- 283/17 के आरोपी गोखुलपुर निवासी 60 वर्षीय वशिष्ठ राम को आयुध अधिनियम की धारा-251 (1-बी) के अंतर्गत अपराध के लिए 3 वर्ष का कठोर कारावास एवं 10 हजार रुपये अर्थदंड तथा आयुद्ध अधिनियम की धारा-26 (I) के अपराध के लिए एक वर्ष कठोर कारावास एवं एक हजार रुपया अर्थदंड की सज़ा दी है।

आदेश के अनुसार सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी। दोषसिद्ध अपराधी द्वारा कारा में बिताई गयी अवधि, दंडादेश की अवधि में मुजरा की जाएगी। दोष सिद्ध अपराधी द्वारा अर्थदंड की राशि का भुगतान नहीं किए जाने पर उसे दोनों अपराध के लिए अलग-अलग 6-6 माह की कठोर कारावास की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

इस मामले की अंतिम सुनवाई के दौरान प्रतिरक्षा अधिवक्ता का कहना था कि दोषसिद्ध अपराधी वशिष्ठ राम की वर्तमान करीब उम्र 60 वर्ष है और यह उसका यह प्रथम अपराध है। वह पिछले 10 अक्टूबर यानि एक वर्ष एक माह से न्यायित अभिरक्षा में हैं। अतः उसे न्यूनतम सज़ा दी जाए।

लेकिन, अभियोजन अधिवक्ता द्वारा उक्त कथन का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि वशिष्ठ राम के पास से 2 रायफल, 2 कट्टा, 16 गोली अथार्त हथियारों का जखीरा बरामद हुआ है। इससे प्रतीत होता है कि ये अवैध हथियारों के खरीद-बिक्री में संलिप्त है। अतः कठोर दंड दिया जाए।

आइए नीचे देखें इमेज में पढ़िएः क्या है माननीय न्यायालय की नजर में पूरा मामला………..  

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