शराब कारोबारियों ने किसानों पर की ताबड़तोड़ फायरिंग, फिर पुलिस आई और 66 कार्टून उठाके ले गई

नालंदा दर्पण (तालिब)। एक तरफ जहां बिहार पुलिस के मुखिया गुप्तेश्वर पांडे का कहना है कि अगर चौकीदार चाहे तो एक बोतल शराब नहीं बिक सकती, वहीं सूबे में शराब के धंधेबाज निरन्तर शराब की खेप लाने और बाजारों में बेचने का काम करने में मस्त हैं। हालांकि पुलिस शराब की लायी खेप को जब्त भी कर रही है ।

खबर है कि गुरुवार देर रात शराब के धंधेबाज कट लाइन इस्तेमाल कर बकरा नदी के किनारे शराब की बड़ी खेप लेकर उसे निश्चित स्थान पर पहुंचाने की फिराक में थे। इसी दौरान कुछ किसान गेहूं पटवन कर घर लौट रहे तो धंधेबाजों को पकड़े जाने की खौफ होते ही ताबड़तोड़ किसानों के ऊपर गोलियां चलानी शुरू कर दिया।

इसके बाद किसानों द्वारा हल्ला करने पर आस पास के किसान दौड़ पड़े। नतीजा शराब माफिया भागने में ही बेहतर समझा और चार पांच की संख्या रहे शराब धंधेबाज भाग निकले।

हालांकि इस  अंधाधुन गोलाबारी में किसान बाल बाल बच गए। अन्यथा एक बड़ी घटना हो सकती थी।  

किसानों ने बताया कि इस घटना में उनपर चलाई गई गोली से उनकी जान भी जा सकती थी, लेकिन उन सबने हिम्मत से काम किये, जिससे सारे शराब कारोबारी शराब छोड़कर भाग निकले।

इस घटना की जानकारी स्थानीय थाना पावापुरी और गिरियक थाना पुलिस को दी गयी। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष प्रभा कुमारी, गिरियक थानाध्यक्ष सुबोध कुमार, एसआई संजय सिंह दल बल के साथ पहुंचकर 66 कार्टून शराब जब्त कर थाना ले गए।

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