एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की इंटरमीडिएट परीक्षा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सभी 6 बाल बंदी बिहार शरीफ नगर के दीपनगर अवस्थित बाल पर्येक्षण गृह में  जिला व सत्र न्यायाधीश श्याम किशोर झा के हाथों सम्मानित हुए।

इस मौके पर उन्होंने बच्चों को कोरोनावायरस जैसी वैश्विक महासंक्रमण को लेकर आपसी दूरी एवं साफ सफाई पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया और पर्यवेक्षण गृह में गीत संगीत, पढ़ाई व हैडिक्राफ्ट के साथ-साथ खेलकूद, बागवानी जैसी गतिविधियों की प्रशंशा की।

बाल बंदियों को सम्मानित करते हुए उन्होंने कहा कि इनके बेहतर परिणाम को देखते हुए इन्हें सम्मानित किया गया है और इनमें काफी बदलाव हुआ है। इनको सम्मानित करने से दूसरे बाल बंदियों में भी उत्साह बढ़ेगा और उनमें तेजी से बदलाव आएगा क्योंकि सोच विकसित नहीं होने के कारण बाल अपराधियों से अपराध हो जाता है और इन्हें सुधार का अवसर मिलता है और सुधार भी दिखता है।

इस मौके पर किशोर न्याय परिषद के प्रधान दंडाधिकारी मानवेन्द्र मिश्रा ने कहा कि दीपनगर पर्यवेक्षण गृह में बाल बंदियों के मानसिक और व्यक्तित्व विकास के लिए कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। यहां रह रहे विधि विरुद्ध बाल बंदी समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।

जिला व सत्र न्यायाधीश श्याम किशोर झा ने बाल बंदियों को सकारात्मक दिशा देने वाले प्रधान दंडाधिकारी मानवेन्द्र मिश्रा, जिनका जन्म दिन भी है, उन्हें भी बच्चों के हाथों बने गुलदस्ता देकर हौसला अफजाई की।

इस मौके पर एडीजे-1 आलोक राज, सीजीएम श्री गुप्ता, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव आदित्य पांडे, प्रशिक्षु न्यायाधीश शोभित सौरभ, कनिका यादव, प्रतीक सागर, किशोर न्याय परिषद के सदस्य धर्मेंद्र कुमार, बाल संरक्षण इकाई के ब्रजेश मिश्रा, माधव आदि लोग भी मौजूद थे।

बता दें कि बाल पयर्वेक्षण गृह के 7 बच्चों, जिनमें गंभीर अपराध के आरोपी भी शामिल हैं, ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट की परीक्षा दी थी। उनमें एक बाल बंदी ने 325 अंक तो दूसरे ने 310, तीसरे ने 302 और चौथे ने 300 अंक लाकर प्रथम श्रेणी से पास हुए हैं, वहीं दो बाल बंदियों ने क्रमशः 223 और 211 अंक प्राप्त कर द्वीतीय श्रेणी से उतीर्ण हुए हैं।

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