नालंदा दर्पण। बिहार के सीएम नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा से एक बड़ी दिलचस्प सूचना आई है। थरथरी प्रखंड विकास पदाधिकारी तरुण यादव ने सोमवार तक अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की है। यादव ने यह घोषणा अपने फेसबुक वाल पर की है। उनके इस पोस्ट पर दर्जनों टिप्पणियां भी आई है। उन टिप्पणियों के जबाव में उन्होंने सनसनीखेज बात लिखी है।

कहा जाता है कि नालंदा जिला प्रशासन की अगुआई में व्हाट्सएप्प पर एक ग्रुप चलता है। उस ग्रुप में एसडीओ, डीएम से लेकर प्रायः सीओ-बीडीओ समेत विभिन्न महकमों के कर्मी जुड़े हैं।

इस ग्रुप में नालंदा पावर ग्रिड के कर्मी रविन्द्र कुमार ने लिखा कि 5 अप्रैल की शाम सभी लोग दीपक अवश्य जलाएं। रविन्द्र की पोस्ट आदेशात्मक लहजे में था। उस पोस्ट पर थरथरी बीडीओ तरुऩ यादव ने टिप्पणी की। उन्होंने लिखा कि वे वैसा नहीं करेंगे। क्योंकि उन्हें शासकीय आदेश नहीं मिला है।

कहते हैं कि इसके बाद रविन्द्र ने तरुण को फोन पर अभद्रता करते हुए धमकी दी। यही नहीं जिला पदाधिकारी और अनुमंडल पदाधिकारी ने भी प्रखंड विकास पदाधिकारी को काफी भला-बुरा कहा। अंततः दोनों ने उस ग्रुप से अपनी पोस्ट-कमेंट डिलीट कर डाला।

लेकिन बीडीओ ने पीड़ा अपने फेसबुक वाल पर उड़ेल गए। उन्होंने लिखा, “धमकी मिली है। बात बढ़ी तो सोमवार तक इस्तीफा दे दूंगा।” एक कंमेंट के रिप्लाई में उन्होंने बताया कि धमकी देने वाला कोई रविन्द्र कुमार है नालंदा पावर ग्रिड का।

जब उनसे एक फ्रेंड ने पूछा कि आपको कौन धमकी दे रहा है तो इसके जबाव में उन्होंने लिखा, “फारवर्ड लोग”। जब एक अन्य फ्रेंड ने पूछा कि क्या हुआ तरुण भाई? तो बीडीओ ने लिखा- “लाइट बुझाने के लिए कह रहा था”।

बहरहाल, फोसबुक जैसे माइक्रो ब्लॉगिंग सोशल साइट पर इस्तीफा देने की बात लिखना अनेक प्रश्न खड़े करते हैं। बड़ा सबाल है कि एक बीडीओ को एक विद्युत कर्मी प्रशासनिक ग्रुप में कंमेंट को लेकर धमकी देता है? और फिर बीडीओ फेसबुक पर अपनी पीड़ा दर्शाने को विवश होते हैं।

ऐसे में सुशासन बाबू के जिले में अनुसासन की स्थिति का बखूबी आंकलन किया जा सकता है। आखिर कितना रसुखदार है एक अदद विद्युतकर्मी कि एसडीओ-डीएम तक उसी के पक्ष में खड़े दिखे।

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