कोविड-19 रेड जोन में न कोई खौफ, न कोई शोसल डिस्टेंसिंग

नालंदा दर्पण डेस्क। चंडी प्रखंड में जहाँ एक तरफ तेजी से कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ कोरोना वायरस का खौफ लोगों में नहीं दिखता है। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन दूर-दूर तक नजर नहीं आता है।

कहने को प्रखंडों को शासन ने रेड जोन घोषित कर रखा है। लेकिन रेड जोन की तरह किसी तरह का प्रतिबंध नहीं दिखता है। लगभग सारी दुकानें खुली रहती है।

वहीं ग्रामीण इलाकों में लॉकडाउन का पालन टेढ़ी खीर दिखती है। ग्रामीण इलाकों में क्रिकेट टूर्नामेंट के नाम पर लॉकडाउन की धज्जियां उड़ाई जा रही है।

चंडी प्रखंड मुख्यालय से सटे चंडी डीह इन दिनों कोरोना बम इलाका बना हुआ है। यहाँ पिछले दस दिनों से क्रिकेट टूर्नामेंट कराया जा रहा है। जहाँ खिलाड़ियों के साथ सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ देखा जा सकता है।

ऐसा नहीं है कि यह टूर्नामेंट चोरी चुपके कराया जा रहा है। जब आप बिहटा-सरमेरा मार्ग से गुजरेगे तो सैकड़ों की संख्या की भीड़ को देखकर दांत तले उंगली दबा लेंगे।

आप सोच में पड़ जाएँगे कि यह तस्वीर आम दिनों की है या कोरोना के समय की। यह भीड़ किसी कोरोना बम से कम नहीं है।

सबसे बड़ी बात यह है कि सैकड़ों लोग एक दूसरे से मिलते हैं, एक ही गेंद को दर्जनों खिलाड़ी छूते है। जो दुखद ही नहीं काफी भयावह है। ऐसे में अगर संक्रमण का एक भी मरीज निकल गया तो इसका जिम्मेदार कौन होगा।

सूत्र बताते हैं मामला सिर्फ चंडी डीह जैसे गाँव की नहीं है। प्रखंड में कई ऐसे गाँव है, जहाँ लॉकडाउन का उल्लंघन कर क्रिकेट खेलते लोगों की भीड़ दिख जाएँगी।

एक तरफ सरकार कोरोना वायरस को लेकर जागरूकता फैलाने में लगी हुई है, लेकिन चंडी डीह की यह तस्वीर, सरकार के जागरूकता के दावे को धता बता रही है।

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