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      धार्मिक नगरी राजगीर में बाबा भोलेनाथ भक्तों कष्ट देखिए

      व्यवस्था के नाम पर महज ऐसी राजगीर प्रशासन और उसकी दुलरुआ नगर पंचायत से उम्मीद की जा सकती है, जहां के जनप्रतिनिधि हाथी के दांत साबित है…..”

      राजगीर (नालंदा दर्पण)। श्रावण मास के शुरू होने के साथ ही बिहार ,झारखंड के सभी धार्मिक नगरी राजगीर इन दिनों कांवरियो और भोले भक्तों से भरा पड़ा है।rajgir3

      सभी धार्मिक तीर्थंस्थलों पर सावन के पहले से ही इन तीर्थयात्रियों के सेवार्थ कार्य शुरू हो जाता ,  लेकिन नगर पंचायत राजगीर इस मामले में सबसे उलट काफी पीछे चल रहा है। तभी तो आज सावन महीने के 10 दिन बीत जाने के बाबजूद भी सेवा के नाम पर सिर्फ बाँस खड़ा किया गया है।

      सावन आज 10 दिन बीत गया लेकिन राजगीर नगर प्रशासन की कुव्यवस्था से पंडाल के नाम पर आज भी सिर्फ बाँस ही दिख रहा है।rajgir 2

      नगर पंचायत सूत्रों के अनुसार सावन की बंदोबस्ती इस बार 28 लाख में हुई लेकिन जहाँ तीर्थयात्रियों को विशेष सुविधा दी जानी चाहिए। वहं कछुए की चाल में अभी पंडाल बनाने का काम भी सावन के 10 वें दिन नहीं हो सका है।

      हालांकि टेंट पंडाल के नाम पर लाखों लाख का बिल भुगतान भी हो जाना तय है, लेकिन इन कुव्यवस्था से धार्मिक नगरी राजगीर की छवि काफी धूमिल हो रही है।

      बिहार,झारखंड, उत्तरप्रदेश के अलावे अन्य राज्यो के आए यात्री इस बरसात में गिने चुने पेड़ो और निजी दुकानों में आश्रय लेने को मजबूर हैनाराज़ भोले भक्तों ने आश्रय स्थल, सेवा शिविर, पानी, सफाई की बदहाल व्यवस्था पर नगर प्रशासन को खूब कोसा।rajgir 4

      वीडियोः बोले उतर प्रदेश के एक बम….

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