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      नीतीश सरकार के इस तानाशाही रवैया से त्रस्त संवेदकों ने दी काम बंद करने की चेतावनी

      सरकार ने अल्टीमेटम जारी किया है कि 7 दिन में जितनी भी सड़कें हैं, उनका मेंटेनेंस 7 दिन में किया जाए। अन्यथा सभी को कॉल टीम ब्लैक लिस्टेड करते हुए दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी……………..”

      एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क। नालंदा जिला ग्रामीण कार्य विभाग के सभी संवेदको ने संवेदक यूनियन संघ के बैनर तले नाला रोड स्थित निजी भवन में बैठक की। इस दौरान नालंदा जिले के दर्जनों संवेदको ने इस बैठक में शिरकत की।

      बैठक के दौरान संवेदकों ने बताया कि नीतीश सरकार के तानाशाही रवैया के कारण नालंदा जिले के एक सौ से अधिक संवेदक काफी त्रस्त हैं। लगातार सरकार और विभाग के द्वारा हम लोगों के साथ ज्यादती की जा रही है।2 8

      यही कारण है कि सरकार ने दोरंगी नीति अपनाते हुए महज 7 दिनों के अंदर में ही जिले के जितने भी सड़क हैं, उन सभी सड़कों को मेंटेनेंस करने का निर्देश जारी किया है।

      संवेदको ने बताया कि बरसात के मौसम में सड़क मेंटेनेंस करना बहुत कठिन का काम होता है। संवेदकों ने इस मेंटेनेंस के लिए सरकार से 2 महीने का वक्त मांगा, लेकिन सरकार ने महज 7 दिन का ही वक्त सरकार ने संवेदकों को दिया है। जिसके कारण सभी संवेदकों में सरकार के प्रति काफी रोष व्याप्त है।

      संवेदकों ने अपने दर्द को बयां करते हुए कहा कि जो संवेदक इस आदेश का पालन नहीं करेंगे उन्हें ब्लैक लिस्टेड कर दिया जाएगा। जबकि जो भी सड़क का मेंटेनेंस संवेदकों के द्वारा पूर्व में किया गया है। उसका अभी तक भुगतान नहीं किया गया है।

      संवेदकों ने बताया कि हम लोग के द्वारा अगर सड़क का मेंटेनेंस कर दिया जाता है तो सरकार उसका भुगतान नहीं करती है। सरकार इन सभी बातों के ऊपर ध्यान दें। अन्यथा हम लोग जिले में जितने भी संवेदक हैं, हड़ताल पर चले जाएंगे।

      सड़क को लेकर सरकार ने पूर्व में ही अल्टीमेटम जारी किया है कि 7 दिन में आपके पास जितना भी सड़क है, उन सभी का मेंटेनेंस किया जाए 7 दिन में कोई भी संवेदक मेंटेनेंस पूरा नहीं कर पाएगा। क्योंकि किसी के पास 25 सड़क है। तो कभी किसी के पास 25 से ज्यादा सड़कें हैं। इस दिन के अंदर में इन सभी सड़कों का मेंटेनेंस करना संभव नहीं है।

      अगर 7 दिन के अंदर में इन सभी सड़कों का मेंटेनेंस नहीं होता है तो सभी को कॉल टीम ब्लैक लिस्टेड कर दिया जाएगा और इतना ही नहीं सभी के ऊपर दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।

      इसलिए संवेदकों ने निर्णय लिया है कि सरकार अगर हमारी बातों पर ध्यान नहीं देती है तो हम लोग हड़ताल पर चले जाएंगे। ग्रामीण कार्य विभाग के जितने भी संवेदक है, वे सभी काम करना भी बंद कर देंगे।

      देखिए वीडियोः क्या कहते हैं संवेदक………..

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