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    काश ! मुंशी प्रेमचंद की पंच परमेश्वर पढ़ते ऐसे जाहिल-धूर्त लोग

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    क्या बिगाड़ के डर से ईमान की बात न कहोगे’ ‘पंच के दिल में ख़ुदा बसता है। पंचों के मुंह से जो बात निकलती है, वह ख़ुदा की तरफ़ से निकलती है।’ ‘मैं इस वक्त न्याय और धर्म के सर्वोच्च आसन पर बैठा हूं। मेरे मुंह से इस समय जो कुछ निकलेगा, वह देववाणी के सदृश है।’

    राजगीर (नालंदा दर्पण)। वेशक सर्वोच्च कथाकार मुंशी प्रेमचंद की अमर कहानी ‘मुंशी प्रेमचंद’ वे लब्ज हमारी न्याय-बुद्धि की कसौटी से बाँधती है, लेकिन नालंदा जिले के सिलाव प्रखंड क्षेत्र के पवाडीह पंचायत के चमरडीहा गांव में पंचायत लगाकर जिस तरह से तुगलकी फरमान जारी किए गए और जिस तरह के सच सामने आए हैं, वह काफी शर्मसार करने वाली है।

    खबर है कि राजगीर अनुमंडल के सिलाव प्रखंड क्षेत्र के पवाडीह पंचायत के चमरडीहा गांव में पंचायत लगाकर बिना कोई ठोस सबूत के एक बेगुनाह युवक को चोर करार दे दिया गया। इस पंचायत में फरमान जारी करने वालों में पंचायत के वर्तमान मुखिया, वर्तमान जिला परिषद सदस्य सहित कई गणमान्य धूर्त लोग शामिल थे।

    ऐसे जाहिल पंचों ने पंचायत में किसी के मात्र कहने पर कि चोरी की घटना की रात उस रास्ते से युवक को जाते देखा था, युवक को चोर करार दिया और तीन लाख हर्जाना वसूल लिया। जिसकी वीडियो वायरल हो रही है।

    चमरडीहा निवासी मिश्री यादव की ट्रैक्टर चोरी हुई थी। चोरी होने के बाद सुबह में जैसे ही लोग जमा हुए गांव के बलम चौधरी ने कहा कि गांव के पंकज कुमार को रात में इस रास्ते से जाते देखा है।

    इसके बाद मिश्री यादव ने आनन फानन में पंकज कुमार के साथ मारपीट कर ट्रैक्टर की कीमत की मांग की। हर्जाना नहीं देने पर खेत जोत लेने की बात कही गई। उसके खेत को जोत कब्जे में ले लिया गया।

    इस मामले का सबसे गंभीर पहलु है कि पंच बने जिला परिषद सदस्य सतेंद्र पासवान की धूर्तता देखिए। ऐसे  निकम्मे निर्वाचित जनप्रतिनिधि का कहना है कि “गलती तो हुई है, लेकिन एक बार पंचायत में जो फैसला हो गया वो हो गया।”

    जब सतेन्द्र पासवान सरीखे धूर्त पंच से पूछा गया कि जब ट्रैक्टर भी मिल गया और चोर भी पकड़ा गया तो अब तो उसका रुपया वापस दिलाना पंचों का ही धर्म है तो इस पर उस कायर पंच का कहना है कि मिश्री यादव दबंग है। उऩ लोगों की बात नहीं मानेगा।

    इधर, स्थानीय पुलिस की भी अपनी नामर्दी है। बकौल खबर, थानेदार संतोष कुमार का कहना है कि चोरी गयी ट्रैक्टर के साथ चोर को हिलसा थाना पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया है। बेगुनाह को चोर साबित कर जुर्माना लिया गया है। वायरल वीडियो मिला है। पीड़ित युवक द्वारा थाने में आवेदन दिया गया है। जांच शुरू कर दी गयी है।

    अब पुलिस की जाँच कब तक चलेगी और वह मिश्री यादव जैसे गली के गुंडों के खिलाफ कैसी कार्रवाई करेगी, सब जानते हैं। आरोपियों से वसूली और पीड़ित के बीच समझौता के आलावे कुछ नहीं कर सकती, जैसा कि पुलिस अपनी कार्यशैली को लेकर शुमार रही है।

    होना तो यह चाहिए कि इस मामले को गंभीर मामले की पंचायती में कलयुगी परमेश्वर बने वर्तमान मुखिया दिनेश राम, जिला परिषद सदस्य सिलाव दक्षिणी सत्येन्द्र पासवान, गिरियक के पूर्व मुखिया, वार्ड सदस्य आदि के खिलाफ पुलिस-प्रशासन को त्तकाल कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। और थानेदार को भी सख्त सजा देनी चाहिए, जो समाज के धूर्तों के आगे पूंछ हिला कर सिर्फ चाटने का काम करते हैं।

    क्योंकि ये सब न्याय के नाम पर कलंक हैं, जिसने एक सीधे-साधे युवक पंकज कुमार से को तीन लाख जुर्माना वसूला और उनके दबाव बाद पंकज ने कर्ज लेकर तीन लाख रुपये पंचायत के हवाले कर दिया।

    यदि पंकज चोर था तो कुछ ही समय बाद चोरी हुई ट्रैक्टर सहित चोर की गिरफ्तारी ब हिलसा थाना पुलिस द्वारा बीते 13 जनवरी को किया गया।

    धूर्तता की हद तो देखिए जब पंकजको जानकारी हुई कि ट्रैक्टर के साथ चोर गिरफ्तार हो गया है तो उसने पंचों से रुपया वापस दिलाने की गुहार लगायी। लेकिन पंचों ने रुपया वापस दिलाने से इंकार कर दिया। अब उसने स्थानीय थाना में पैसा वापस दिलाने की गुहार लगायी है।

    पीड़ित युवक ने कहा कि उसने ट्रैक्टर चोरी नहीं की थी। लगातार पंचों से गुहार लगाते रहे लेकिन गांव के बलम चौधरी के कहने पर चोर करार दे दिया गया। समाज में बदनामी हुई और मुंह दिखाने लायक नहीं छोड़ा।

    पंचों ने जबरन तीन लाख जुर्माना दिलाया। जबकि बलम चौधरी से उसका पूर्व से विवाद था। पीड़ित गांव छोड़कर अलग मेहनत मजदूरी कर कर्ज लिए पैसे को वापस करने की जुगाड़ में जुटा है।  

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