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    किशोर न्याय अधिनियम एवं पोक्सो एक्ट पर जागरूकता हेतु सेमिनार का आयोजन

    जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमेश चंद्र द्विवेदी ने कहा कि बच्चों के साथ न्याय होना चाहिए था। परंतु वह नहीं हो रहा है। उन पन्नों को भरने में हमारा समाज ,पुलिस पदाधिकारी न्यायिक पदाधिकारी सब में संवेदनशीलता होनी चाहिए थी। वह नहीं हुई। उसी संवेदनशीलता को पाने के लिए आज का आयोजन किया गया हैं.....

    बिहार शरीफ( संजय कुमार)। माननीय उच्च न्यायालय पटना के निर्देश पर बिहारशरीफ के टाउन हॉल में किशोर न्याय परिषद ,बिहार शरीफ द्वारा किशोर न्याय अधिनियम एवं पोक्सो एक्ट पर जागरूकता एवं संवेदनशीलता बढ़ाने के लिए जिला स्तर पर इससे जुड़े सभी हितधारकों  का एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया।

    सेमिनार को संबोधित करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमेश चंद्र द्विवेदी ने कहा कि पूरे राज्य में आज माननीय उच्च न्यायालय के आदेशानुसार बच्चों के प्रति लोगों में संवेदनशीलता उत्पन्न करने के उद्देश्य सेमिनार सह जागरूकता हेतु एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया है।

    उन्होंने कहा कि उम्र संबंधी गलत जानकारी के कारण जो बच्चों को रिमांड होम में रहना चाहिए था। वह हमारी संवेदनहिनता की वजह से जेल में पहुंच जाता है। वह दुर्दांत एवं कुख्यात अपराधियों के बीच में पहुंचता है।

    उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ न्याय होना चाहिए था। परंतु वह नहीं हो रहा है। उन पन्नों को भरने में हमारा समाज ,पुलिस पदाधिकारी न्यायिक पदाधिकारी सब में संवेदनशीलता होनी चाहिए थी। वह नहीं हुई। उसी संवेदनशीलता को पाने के लिए आज का आयोजन किया गया हैं।

    सेमिनार को संबोधित करते हुए नालंदा के जिला पदाधिकारी  योगेंद्र सिंह ने कहा कि जानकारी के अभाव में बच्चे अपराध कर बैठते हैं। उन्हें उचित संरक्षण की जरूरत है। ताकि वह भविष्य में एक अच्छे नागरिक बन सकें ।

    सेमिनार को संबोधित करते हुए नालंदा के आरक्षी अधीक्षक निलेश कुमार ने कहा कि जो बच्चे 18 वर्ष से कम उम्र के हैं उसे अब हम अपराधी जैसा बर्ताव नहीं कर सकते हैं।

    उन्होंने पुलिस पदाधिकारियों से कहा कि ऐसे बच्चों को हथकङी नहीं पहनाया जा सकता है। इनके साथ जोर जबरदस्ती नहीं किया जा सकता है।

    उन्होंने कहा कि जो गंभीर अपराध करते हैं। ऐसे बच्चों को भी हरकङी नही पहनाना है और न ही लॉकर में बंद करना  हैं।ऐसे बच्चों को सक्षम न्यायाधीश महोदय के समक्ष प्रस्तुत करना है। और वे ही उचित निर्णय लेंगे।

    किशोर न्याय परिषद बिहारशरीफ के प्रधान दंडाधिकारी मानवेंद्र मिश्र ने पोस्को एवं किशोर न्याय अधिनियम पर विस्तृत चर्चा की।

     इस कार्यक्रम को ए डी जे 6 स्पेशल जज पोस्को  आशुतोष कुमार, ए डी जे 7 सह स्पेशल जज पास्को मंजूर आलम, सब जज  सह एसीजीएम प्रभाकर झा, एडीजे3 प्रतिभा सिंह, ए डी जे 2 संतोष कुमार सिंह, नालंदा के सिविल सर्जन, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव आदित्य पांडे, पैनल लॉयर जेल विजिटर देवेंद्र शर्मा एवं ओम प्रकाश निराला  सहित कई लोगों ने भी अपने विचार व्यक्त किए।