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    करोङों से निर्मित यह पंचायत सरकार भवन है या कर्मचारियों का विश्रामालय !

    "पंचायतवासियों मे प्रखण्ड मुख्यालय की सुविधा पंचायत सरकार भवन मे नहीं मिलने के कारण जगह-जगह यह चर्चा का विषय बना है कि ये पंचायत सरकार भवन है या कर्मचारियों व जनप्रतिनिधियों का विश्रामालय! जब यह विश्रामालय ही बनाना था आम जनता की करोङो की गाढ़ी कमाई की राशि खर्च क्यों की गई...."

    नगरनौसा (……)। सीएम नीतीश कुमार के  गृह जिले नालंदा के सर्वश्रेष्ठ पंचायत यानि नगरनौसा प्रखंड अंतर्गत दामोदरपुर बल्धा में एक करोङ वयालिस लाख वावन हजार की राशि से निर्मित पंचायत सरकार भवन की कार्यशैली को जानकर हैरान रह जाएंगे।

    nalanda darpan nagarnausa cruption news 2पंचायतवासियों की माने तो पंचायत सरकार भवन का विधिवत उद्घाटन बीते दिसंबर 2020 मे हो गया है, जबकि आज भी इस पंचायत सरकार भवन मे पंचायतवासियों का प्रखण्ड मुख्यालय की सुविधा उपलब्ध नही होने के कारणवश कोसो दुरी तय करकर लोगों को प्रखण्ड मुख्यालय नगरनौसा जाना पङता है।

    यहाँ कार्यरत कर्मियों द्वारा अक्सर ही यह कहकर प्रखण्ड मुख्यालय भेज दिया जाता है कि हमलोग को अभी यूजर आईडी और पासवर्ड नहीं मिला है।

    एक ओर जहाँ सरकार का दावा था  कि पंचायत सरकार भवन बन जाने से पंचायतवासियों का प्रखण्ड मुख्यालय की सुविधा उनके अपने ही पंचायत में मिलेगी, जबकि हकीकत में तो कुछ और ही देखने को मिल रही है।

    पंचायतवासियों की मानें तो इस पंचायत के मुखिया, सरपंच इस भवन मे निर्मित विशेष कक्ष मे जनता की समस्याओं को सुनने के लिये शिरकत करना कभी भी मुनासिब नही समझते। जिसके परिणामस्वरूप ग्रामीणों को जनप्रतिनिधियों के घर का चक्कर लगाना पङता है।

    ग्रामीणो का कहना है कि पंचायत सरकार भवन खुलती तो प्रतिदिन है और इसमें कार्यरत कर्मी भी शिरकत करते है, लेकिन वे सब यूँ हीं आराम फरमाकर रोज घर वापस लौट जाते हैं।nalanda darpan nagarnausa cruption news 3

    जबकि इस भवन के उद्घाटन के समय ग्रामीणों के बीच खुशी और उल्लास चरम पर था कि उनके पंचायत मे अब पंचायत सरकार भवन बन जाने पर कोसों दूर अवस्थित प्रखण्ड मुख्यालय का चक्कर नहीं लगाना पङेगा।

    प्रखण्ड मुख्यालय की सुविधा उनके ही पंचायत मे उपलब्ध हो जायेगी। किन्तु इस भवन का उद्घाटन हुये महीनो बीत जाने के बाद भी प्रखण्ड मुख्यालय का सुविधा अब तक नही उपलब्ध हो पाई है।

    ऐसे में सबाल उठना लाजिमी है कि जब प्रखण्ड मुख्यालय का कोई भी सुविधा यहां उपलब्ध नहीं कराई जा रही है तो यहाँ कर्मचारियों को यूँ ही रखकर वेतनादि मद में जनता की गाढी कमाई सरकार आलावे खर्च क्यों कर रही है।

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