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    जनप्रतिनिधियों के मनमानी-भ्रष्टाचार के शिकार हैं गांव वासी

    "यहाँ वार्ड सदस्य व अन्य जनप्रतिनिधि अपने स्वार्थ के कारण मुख्य नाले का निर्माण नहीं करवा रहे हैं। वार्ड सदस्य पुराने नाले को ही मरम्मत कर राशि हड़पना चाह रहा है....

    बिहारशरीफ ( संजय कुमार)। बिहार सरकार शहरों की तरह गांवों के विकास हेतु तत्पर है। वहीं दूसरी ओर जनप्रतिनिधियों के मनमानी के कारण सरकार द्वारा लायी गई योजनाएं जमीन पर नहीं उतर पा रही हैं, जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।

    नालंदा जिले के बेन प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत खैरा का मखदुमपुर गांव के लोगों को जन जनप्रतिनिधियों की मनमानी के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

    बताया जाता है कि इस गांव में नाली निर्माण हेतु राशि आयी थी। परंतु जनप्रतिनिधि अपने स्वार्थ के कारण नाला का निर्माण नहीं करवा पाए। जिससे नाले का पानी गलियों तथा खेतों में गिर रहा है। पानी गिरने के कारण लोग आपस में ही झगड़ रहे हैं।

    जब इस संवाददाता ने इस गांव का दौरा किया तो पाया कि गांव के मुख्य प्रवेश द्वार वाली सड़क के किनारे नाले टूटी फूटी हैं। सड़कों पर भी पानी बह रहा है तथा कई लोगों के खेतों में नाले का पानी गिर रहा है। पानी गिरने के कारण ग्रामीण आपस में ही झगड़ जाते हैं।

    इस संबंध में कई ग्रामीणों ने बताया कि नाली निर्माण हेतु आई राशि को गली ढलाई में खत्म कर दिया गया है। जबकि शुरुआत दौर से ही नाली का निर्माण होना चाहिए था ताकि गांव का पानी बाहर जाकर खाई में गिरता।

    ग्रामीणों ने कहा कि हम लोगों ने एक ही मांग किया था कि नाला, पुराने नाले को तोड़कर नया नाला बनाया जाए ,परंतु हमारी मांग नहीं मांगी गई।

    इस संबंध में वार्ड संख्या-15 के वार्ड सदस्य रिंकू देवी के पति पिंटू राम ने स्वीकार किया कि ग्रामीणों का कहना है कि नाले को तोड़कर नया नाला बनाया जाए। जिस का प्रावधान सरकार द्वारा नहीं किया गया है। नाले को ही मरम्मत करना है । परंतु ग्रामीण नया नाले के निर्माण के लिए दबाव डाल रहे हैं।

    बहरहाल, जो भी हो चुनाव में जनता की सेवा का वादा करने वाले जनप्रतिनिधि, चुनाव जीतने के साथ हैं, अपना घर भरने में जुट जाते…

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