अन्य
    Wednesday, July 24, 2024
    अन्य

      हरनौतः लोजपा ने अरुण का टिकट अचानक जदयू के बागी ममता को थमाया, रंजीत डॉन ने निभाई भूमिका !

      चर्चाओं के मुताबिक मुखिया ममता देवी के लोजपा से टिकट दिलाने में हिलसा वाले लोजपा प्रत्याशी डॉ रंजीत कुमार उर्फ रंजीत डॉन का बड़ा हाथ बताया जा रहा है।

      नालंदा दर्पण/चुनाव डेस्क। ‘हमसे का भूल हुई जो ये सजा हमको मिली….’ जनता हवलदार फिल्म के गाने हरनौत विधानसभा क्षेत्र में एक पूर्व उम्मीदवार गुनगुना रहे हैं। पिछले दो विधानसभा चुनाव लड़ चुके एक उम्मीदवार को बिना किसी भूल के टिकट काट दिया गया है।

      harnaut harinarayan mamta rjd jdu nalanda election 2नालंदा के हरनौत में टिकट के शह-मात के खेल में धनपशुओं की चलती दिख रही है। हरनौत विधानसभा क्षेत्र को लेकर एक बड़ी खबर लोजपा खेमे से आ रही है।

      जहाँ लोजपा के संभावित उम्मीदवार अरूण बिंद को टिकट से वंचित कर दिया गया है। उनकी जगह एक मुखिया एवं सताधारी दल से ऐन वक्त आए कार्यकर्ता को टिकट दे दिया गया है। अरुण कुमार बिंद के टिकट कटने से कार्यकर्ताओं में मायूसी दिख रही है।

      राजनीति में कब क्या हो जाए,किसकी किस्मत जाग उठेगी या किसका सितारा गर्दिश में चला जाएगा, कोई नही जानता। कब किस दल से आकर टिकट हथिया ले कोई नहीं जानता।

      इस टिकट के शह मात के खेल में आखिर जीत धनपशुओं की होती है। जदयू को छोड़कर बाकी अन्य दलों में टिकट को लेकर घमासान मचा हुआ है।

      टिकट मिलने और कटने के बीच एक बड़ी खबर यह है कि पिछले दो विधानसभा चुनाव में जदयू के निवर्तमान विधायक हरिनारायण सिंह को कड़ी टक्कर दे रहे लोजपा के युवा प्रत्याशी अरूण बिंद का टिकट लोजपा ने काट दिया है। उनकी जगह जदयू से दो दिन पूर्व बगावत कर लोजपा में आई मुखिया ममता देवी को लोजपा ने टिकट थमा दी है।

      नालंदा के हरनौत विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में आजकल कुछ ऐसा ही हो रहा है। पहले से मजबूत दिख रही महागठबंधन से राजद के संभावित प्रत्याशी को देखकर लग रहा था, इस बार हरनौत में कांटे की टक्कर होगी।

      लेकिन हरनौत से राजद ने यह सीट कांग्रेस के हवाले कर दिया। लेकिन कांग्रेस ने बुधवार देर शाम तक अपने उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं की है। कांग्रेस से पूर्व विधायक अनिल कुमार तथा मगध महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य तथा कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी के नाम की चर्चा है।

      लोजपा के अरुण कुमार ने 2010 और 2015 में हरनौत विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़े। लेकिन दोनों बार उन्हे हार का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी हरिनारायण सिंह को दोनों बार नाकों चने चबा दिये।

      लोजपा की ओर से तीसरी बार भी उनकी उम्मीदवारी तय थी। कार्यकर्ता उनकी उम्मीदवारी तय मान रहें थे। लेकिन जदयू के कार्यकर्ता मुखिया ममता देवी ने अपने दल से टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर लोजपा में टिकट के लिए तिकड़म भिड़ाई और टिकट हथिया भी ली।

      लोजपा के परपरागत वोटर पार्टी के इस फैसले से असंतुष्ट दिख रहे है। उनका मानना है कि कुछ लोग महज चुनाव लड़ने की नीयत से दूसरे दल का रुख करते हैं, उनमें पार्टी के प्रति लगन नहीं होता है। पिछले 15 साल से पार्टी की सेवा में लगे अरूण का टिकट काटने का परिणाम पार्टी को भुगतना पड़ेगा।

      इधर चर्चाओं के मुताबिक मुखिया ममता देवी को लोजपा से टिकट दिलाने में हिलसा के् लोजपा प्रत्याशी डॉ रंजीत कुमार उर्फ रंजीत डॉन का बड़ा हाथ बताया जा रहा है।

      संबंधित खबर

      error: Content is protected !!