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    अखिल भारतीय नाई संघ ने स्व. कर्पूरी बाबू की 97वीं जयंती समारोह में की भारत रत्न की माँग

    इसलामपुर (नालंदा दर्पण)। अखिल भारतीय नाई संघ ट्रेड यूनियन कीओर से जेठु कुआं के पास मैरेज हाल में कर्पुरी ठाकुर जी की 97 वी जयंती सह सम्मेलन समारोह का आयोजन किया गया।

    इसका उदघाटन देव किशुन ठाकुर,महेश ठाकुर, मदन ठाकुर, राजु ठाकुर, उदय ठाकुर, रंजीत शर्मा आदि ने कर्पुरी ठाकुर जी के तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित एवं दीप प्रज्वलित कर किया।

    जबकि समारोह की अध्यक्षता अखिल भारतीय नाई संघ ट्रेड यूनियन इस्लामपुर प्रखंड अध्यक्ष पवन शर्मा ने संचालन डॉक्टर यमुना ठाकुर ने किया।

    इस दौरान देव किशुन ठाकुर ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर बिहार की राजनीति में शिखर तक पहुंचे। और दो बार राज्य के मुख्यमंत्री बने। पहली बार 22 दिसंबर, 1970 को उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी और 2 जून, 1971 को पद से इस्तीफा दे दिया था। दूसरी बार वे 24 जून, 1977 को राज्य का मुख्यमंत्री बने और मजबूरन 21 अप्रैल, 1979 को पद से इस्तीफा देना पडा।

    महेश ठाकुर ने कहा कि जन नायक कर्पूरी ने बिहार के दबे कुचले और समाज के अन्तिम पंक्ति के शोषित समाज को सम्मान और आरक्षण दिलाने का काम किया। बिहार को देश के मानचित्र पर नई पहचान दी। उन्होने सामन्ती सोच को चकना चूर करने का काम किया। साथ ही अति पिछड़ा समाज को मुख्य धारा से जोड़ने का काम किया। सामाजिक सदभाव और आपसी प्रेम को आगे बढाया।

    अखिल भारतीय नाई संघ ट्रेड यूनियन प्रदेश महासचिव मदन ठाकुर ने  बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने की मांग की।

    उन्होंने कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकुर ने पूरा जीवन गरीब, दलित, वंचित को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में समाप्त कर दिया। उन्होंने इस  समाज की उत्थान के लिए अनुसूचित जाति दर्जा दिया जाय।

    अखिल भारतीय नाई संघ के जिलाध्यक्ष रंजीत कुमार शर्मा ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर जी पिछड़ों, अतिपिछड़ों व गरीबों के हक की लड़ाई लड़ते रहे। कर्पूरी ठाकुर ने जाति विशेष से हटकर समाज के कल्याण के लिए काम किया। वे अंग्रेजी की अनिवार्यता को समाप्त कर समाजवादी नीति को मजबूती प्रदान की। कर्पूरी ठाकुर झोपड़ी के लाल व जन-जन के नेता थे। वे समाज और देश के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ जनता के हक की लड़ाई के लिए जीवन भर संर्घषरत रहे।

    यूनियन प्रखंड अध्यक्ष पवन शर्मा ने कहा कि गरीब-पिछड़ों,अतिपिछड़ों व अनुसूचित जाति के मसीहा स्व कर्पूरी ठाकुर थे। गरीबों, शोषित और पीड़ितों के लिए आजीवन संघर्ष किया। उनका जीवन सादगी का प्रतीक है।

    यमुना ठाकुर ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर राजनीति में हमेशा परिवारवाद के खिलाफ थे। किसान के पक्षधर भी थे। किसान और किसानों की बड़ी फिक्र करते थे किसानों और गरीबों के लिए लगातार संघर्ष करते रहे। वे शोषित और पीड़ितों के लिए आजीवन संघर्ष किया। उनका जीवन सादगी का प्रतीक है।

    इस अवसर पर उदय ठाकुर, राजु ठाकुर, राजेश कुमार ठाकुर, बबली ठाकुर, सुधीर कुमार शर्मा, मिथिलेश कुमार शर्मा, प्रमिंदर शर्मा, दिनेश शर्मा, धनंजय ठाकुर ,पप्पू ठाकुर, नीरज ठाकुर ,राजकुमार ठाकुर , नीरज ठाकुर जितेंद्र ठाकुर,  सुरेंद्र ठाकुर, भूषण ठाकुर, रामानंद ठाकुर, शिबू ठाकुर बबलू ठाकुर,संजय ठाकुर आदि  लोग मौजुद थे।

    इस सभा के पूर्व लोगो ने नगर का भ्रमण कर स्व. कर्पुरी ठाकुर अमर रहे का नारा बुलंद किया।

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