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    अपने साथी की बेरहम पिटाई के आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से क्षुब्ध कोचिंग संचालक बनाएंगे संगठन

    चंडी थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक कोचिंग संचालक की बेरहमी से पिटाई और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज़ प्रखंड के दर्जनों कोचिंग संचालकों ने अपने हक हुकूक के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक कर आने वाले दिनों में संगठनात्मक ढांचा खड़ा करने का ऐलान किया है। वहीं कोचिंग संचालकों की एक टीम ने कोचिंग डायरेक्टर की पिटाई मामले की छानबीन की

    चंडी (नालंदा दर्पण)। चंडी प्रखंड के एक निजी शिक्षण संस्थान में प्रखंड के सभी कोचिंग संचालकों की बैठक हुई। जिसकी अध्यक्षता ई. संजीव कुमार ने की।

    Disgusted due to non arrest of the accused of merciless beating of their partner coaching operators will form organizations 1

    बैठक में पिछले दिनों एक कोचिंग संचालक की पेड़ से बांधकर बेरहमी से पिटाई का मुद्दा छाया रहा। कोचिंग संचालकों ने इस घटना की निंदा करते हुए संचालक की पिटाई को शर्मनाक बताया।

    कोचिंग संचालकों कहना था कि संचालक को हरसंभव कानूनी मदद दिलाने का प्रयास किया जाएं। संचालकों ने पुलिस प्रशासन से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।

    संचालकों ने कहा कि अगर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो कोचिंग संचालकों का एक शिष्टमंडल पुलिस-प्रशासन से मिलकर गिरफ्तारी के लिए दबाव बनाएंगे।

    बैठक में संचालकों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि कोचिंग संचालक मनीष कुमार पूरे मामले में निर्दोष है। उसे अपने घर से जबरन उठाकर ले जाया गया और पेड़ में बांधकर पीटा गया। यह तरीका काफी बर्बर और हिंसक है। संचालक का सिर्फ यही दोष है कि लड़की लेकर भागने वाला युवक संचालक का साथी था।

    पीड़ित कोचिंग संचालक मनीष कुमार के परिजन ने छह लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया है, जबकि आरोपी अभी भी खुला घूम रहे हैं। इससे कोचिंग संचालकों में रोष है।

    कोचिंग संचालकों ने कहा कि आएं दिन कोचिंग संचालकों और शिक्षकों पर हमले होते रहते हैं। इसके लिए जरूरी है कि हम सब को संगठित होना पड़ेगा। इसके लिए एक मजबूत संगठन की जरूरत है। सभी ने आने वाले समय में एक मजबूत संगठन बनाने का निर्णय लिया।

    कोचिंग संचालकों की एक टीम ने शनिवार को मनीष प्रकरण मामले की छानबीन की। इस छानबीन को भी बैठक में रखा गया । इस बैठक में कोचिंग से संबंधित अन्य समस्याओं पर चर्चा हुई।

    इस बैठक में सुमित रंजन, धनंजय कुमार सिंह, आलोक कुमार (सिपू), संटू कुमार, कृष्ण कुमार, तनुज कुमार, सनोज कुमार, विनय कुमार, सुबोध कुमार, अश्विनी कुमार मेहरा, रवि रंजन, रजनी रंजन, वेदप्रकाश, मुन्ना कुमार, राजीव रंजन, रंजन कुमार, निरंजन कुमार सहित अन्य लोग शामिल हुए।