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    नहीं रहे मगध महाविधालय के पूर्व प्राचार्य एवं कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी डॉ. अयोध्या प्रसाद

    चंडी (नालंदा दर्पण)। चंडी के जाने-माने शिक्षाविद्, राजनीतज्ञ और मगध महाविधालय चंडी के पूर्व प्राचार्य डॉ. अयोध्या प्रसाद का निधन हो गया।

    शुक्रवार रात उन्हे दिल का दौरा पड़ने के बाद बिहारशरीफ के एक निजी क्लिनिक में ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।

    वे लगभग 75 साल के थे। उनके पुत्र धीरेंद्र किशोर चंडी के जाने माने चिकित्सक हैं। उनके निधन की खबर मिलते ही चंडी में शोक की लहर छा गई।

    डॉ. अयोध्या प्रसाद मगध महाविधालय के स्थापना के शुरूआती दौर से ही प्राचार्य थे। वे वर्ष 2016 में सेवा निवृत हुए थे। उन्होंने कई पुस्तकें भी लिखी।

    दिवंगत प्रसाद वर्ष 1995 में चंडी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ चुके थे। वे इस बार भी कांग्रेस के टिकट पर एक प्रबल दावेदार थे, लेकिन उनकी जगह किसी और को टिकट दे दिया गया।

    मगध महाविधालय के पूर्व प्राचार्य के निधन की खबर मिलने पर मगध महाविधालय के शिक्षको एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों में शोक व्याप्त हो गया।

    हरनौत विधानसभा के विधायक हरिनारायण सिंह ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनका एक सहयोगी उनसे दूर चला गया। मगध महाविधालय के विकास में उनके योगदान को भूलाया नहीं जा सकता है।

    वही जिला जदयू कार्यकारिणी के सदस्य अनिल कुमार ने उनके निधन को क्षति मानते हुए कहा कि उनका अभिभावक चला गया।

    प्राचार्य डॉ. स्वर्ण किरण ने उन्हे श्रद्धाजंलि देते हुए कहा कि उनके निधन से कालेज को एक अपूर्णनीय क्षति हुई है।

    वहीं प्रो शत्रुह्न प्रसाद, प्रो गोपाल प्रसाद, प्रो राजेश्वर प्रसाद, प्रो विजय कुमार, प्रो बिंदेश्वर प्रसाद सहित सभी शिक्षको एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों ने उनके निधन पर दुख व्यक्त किया।

    उनके निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों, शिक्षा जगत से जुड़े विद्धानों, सामाजिक संगठन तथा चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगो ने उन्हे श्रद्धा सुमन अर्पित की है।

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