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    देखिएः थरथरी पंचायत चुनाव प्रक्रिया की भेड़ियाधसान भीड़ में पुलिस-प्रशासन भी नंगा

    थरथरी (नालंदा दर्पण )। अभी कोविड-19 जैसे जानलेवा अन्तर्राष्ट्रीय संक्रमण का खतरा टला नहीं है। फिर भी नालंदा जिले के थरथरी प्रखंड में पंचायत चुनाव का नामांकन की प्रक्रिया चल रही है। इस दौरान सरकार द्वारा जारी किए गए गाइडलाइंस की धज्जियां उड़ाई जा रही है और आम लोगों के साथ सरकारी तंत्र भी पूरी तरह बेपरवाह दिख रही है।

    बीते दिन इसका एक बड़ा नमूना थरथरी प्रखंड मुख्यालय में देखने को मिला। छरियारी पंचायत के पूर्व मुखिया अरुण सिंह के नामांकन में काफी भीड़ देखा गया। इस दौरान पुलिस प्रशासन सब सोई रही। प्रखंड के पदाधिकारी भी उसी अफरातफरी में शामिल रहे।

    इस मुखिया के नामांकन के समय उनके सैंकड़ों समर्थकों की भीड़ के किसी चेहरे पर न तो मास्क था और न ही सोशल डिस्टेंसिंग का कोई पालन कर रहा था। और तो और नाश्ता के पैकेट के लिए उनके समर्थक मारामारी करने पर उतारू थे। जो नाश्त बांटने वाले आते, वे उनसे खुद छीना छिनी कर रहे थे।

    इस संबंध में जब थरथरी प्रखंड के बीडीओ सुनीता कुमारी से बात करने का प्रयास किया तो उन्होंने मीडिया का नाम सुनते ही फोन कट कर दिया।

    ऐसे में सवाल उठना लाजमि है कि आखिर ऐसे संकीर्ण जगह पर आपने नामांकन की प्रक्रिया की इजाजत क्यों दी गई। जबकि ब्लॉक में भारी जगह थी। लेकिन पूर्व के थाने में ऐसे कार्य का इजाजत क्यों दिए गए? जहां पर कोरोना के नियम की खुलेआम धज्जियां पुलिस ने भी उड़ाई।

    ये नालंदा पुलिस अधीक्षक के वही बहादुर अफसर सिपाही हैं, जो मास्क के नाम पर बाइक सवार से फ़ाईन काटते दिखते थे। लेकिन आज स्वयं बिना मास्क के मीडिया के कैमरे में वेशर्मी की हद कर रहे हैं।