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    दुष्कर्म के दोषी को 20 वर्ष सश्रम कारावास, चंडी थाना क्षेत्र का है मामला

    “जमुई जिला निवासी राजकुमार ने अपने घर के बाहर खेल रही नाबालिग बच्ची को ऑटो से हरनौत स्टेशन पर ले गया और वहां से फिर ट्रेन द्वारा पटना ले जाकर एक क्वार्टर में रखा, पीड़िता के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था...

    बिहार शरीफ (नालंदा दर्पण )। नालंदा जिला न्यायालय के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सप्तम सह पाक्सो स्पेशल न्यायाधीश मो. मंजूर आलम ने एक 14 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म के दोषी करार अभियुक्त 25 वर्षीय साजन कुमार सिंह उर्फ राजकुमार को धारा 366, 376 (2) तथा पास्को अधिनियम की धारा 4/2 के तहत 20 वर्ष तथा 7 वर्ष सश्रम कारावास के साथ 10 हजार और 5 हजार रुपये का अर्थदंड की सजा सुनाई है।

    अर्थदंड का भुगतान नहीं करने पर 6 माह एवं 3 माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी।

    बता दें कि अभियुक्त जमुई जिला के लक्ष्मीपुर थाना क्षेत्र के दिग्गी मगरा गांव निवासी है। पीड़िता के दादा के फर्द बयान पर चंडी थाना में 18 मार्च 2019 को आरोपी के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज किया गया था।

    दर्ज प्राथमिकी के अनुसार आरोपी पीड़िता के गांव में रहता था। विगत 17 मार्च 2019 की शाम 5 बजे जब 14 वर्षीय पीड़िता अपने घर के बाहर खेल रही थी।

    तभी आरोपी ऑटो लेकर आया और जबरन बैठाकर हरनौत स्टेशन पर ले गया और वहां से ट्रेन द्वारा पटना ले जाकर एक क्वार्टर में रखा।

    वहीं पीड़िता के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। उसके बाद पुलिस पीड़िता को पटना से बरामद करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

    पीड़िता का बयान 164 सीआरपीसी के तहत हिलसा कोर्ट के प्रथम न्यायिक दंडाधिकारी सिकंदर प्रसाद ने कलमबद्ध किया था। अभियोजन पक्ष से स्पेशल पाक्सो पीपी सुशील कुमार ने बहस की तथा मामले में 8 गवाहों की गवाही कराई थी।

     

     

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