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    भूषण मुखिया ने पीड़ित परिवार को 2 साल बाद सुशासन के नकारों से दिलवाई 4 लाख रुपए की अनुग्रह राशि

    चंडी (नालंदा दर्पण)। विभिन्न हादसा-आपदा में मुआवजा की प्रक्रिया काफी सरल है। लेकिन उसे लेकर सड़क जाम, आगजनी, तोड़फोड़, पथराव, खून-खराबा आम बात हो गई है। इसका एक बड़ा कारण है पुलिस-प्रशासन की स्वार्थ भरी अकर्मण्यता। क्योंकि मौत के बाद उपद्रव होता है तो सरकारी नुमांईदे घंटा भर में ही मुआवजा के चेक व नगद राशि उपलब्ध करा देते हैं।

    दूसरी तरफ, देखिए चंडी के गोसाईमठ गांव निवासी बोधन राम जैसे लोगों को, 2 साल तक सुशासन के नकारों के चक्कर काटते रहे, लेकिन किसी ने उसकी एक न सुनी। शुक्र है कि चंडी प्रखंड के तुलसीगढ़ पंचायत के पूर्व मुखिया भूषण प्रसाद ने बोधराम की मानवीय मदद की औऱ उनके प्रयास से दो साल पहले सड़क हादसे में मारे गए एक व्यक्ति के पीड़ित परिवार को सरकारी अनुग्रह राशि के रुप में चार लाख रुपए की राशि अब मिले हैं।

    तुलसीगढ़ पंचायत के पूर्व मुखिया भूषण प्रसाद ने बताया कि तुलसीगढ़ पंचायत के गोसाईमठ के निवासी बोधन राम की मृत्यु 15 अगस्त, 2019 को एक सड़क दुर्घटना में हो गई थी।

    सड़क दुर्घटना में पीड़ित परिवार को चार लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने का प्रावधान है। लेकिन मृत बोधन‌राम के पुत्र सुदामा राम ने सरकारी सहायता प्राप्त करने के लिए हरसंभव प्रयास किया, लेकिन उसके बाद भी उनका काम नहीं हुआ।

    फिर सुदामा राम ने हमसे मदद मांगी। उनकी मदद के लिए पदाधिकारी के पास भागदौड़ शुरू की तब जाकर सुदामा राम को चार लाख रुपए का चेक मिला।

    पूर्व मुखिया ने कहा कि वे अपने आप को सौभाग्यशाली समझते हैं। ईश्वर ने  इस काबिल बनाया है कि आज वे बिना किसी निजी स्वार्थ लाभ के चंडी की जनता के लिए एक पैर पर खड़ा रहता हूं और आगे भी वे लोगों की सेवा करते रहेंगे।

    उधर, सुदामा राम ने पूर्व मुखिया को इस कार्य के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि हमारा परिवार हमेशा इनके प्रति कृतज्ञ रहेगा। उन्होंने संकट की घड़ी में हमारे लिए फरिश्ता बनें।