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    बिहार शरीफः  निगम खुद कर रहा है नगर का अतिक्रमण कर वसूली 

    बिहार शरीफ संजय कुमार)। बिहार शरीफ नगर निगम बिहार शरीफ शहर की सड़कों को अतिक्रमण मुक्त  करने के बजाए खुद अतिक्रमण करने में लगी है। अतिक्रमण के कारण सड़कें  सिकुड़ गई है ,जिसका खामियाजा शहर की जनता को भुगतना पड़ रहा है।

    मिसाल के तौर पर जिला मुख्यालय बिहार शरीफ का सबसे व्यस्ततम  चौराहा भराव पर  का है। शहर की बढ़ती आबादी हेतु सड़क चौड़ी होनी चाहिए व अतिक्रमण मुक्त होने चाहिए।

    आबादी बढ़ रही है सड़क सिकुङ़ रही है ,जिसका खामियाजा शहर की भोली-भाली जनता को भुगतना पड़ रहा है। हमेशा जाम का नजारा ही देखने को मिलता है।

    बताया जाता है कि भराव चौराहा पर फल दुकान के  बगल में नगर निगम द्वारा हाइलोजन लाइट हेतु लंबी पोल करीब 10 साल पूर्व लगा दिया गया था। जो फल दुकान से 5 फीट की दूरी पर था। फल दुकानदार द्वारा इस जगह को अतिक्रमण कर लिया गया है।

    दो-तीन साल पूर्व नगर निगम ने अपनी कमाई  हेतु होर्डिंग लगाने के लिए फल दुकान से करीब सात आठ फीट दूरी पर एक और पोल लगा  दिया गया है। जिससे भराव चौराहा सिकुड़ गया है।

    बताया जाता है कि फल दुकानदार द्वारा पोल तक अपनी दुकान लगा रखी है। जिससे जाम के समय लोग किनारे से भी नहीं जा पाते हैं। इतना ही नहीं पोल के बगल में डाभ बेचने वालों ने ठेला पर अपनी दुकान सजा रखी है।

    इस इलाके से दिन भर जिला प्रशासन के वरीय अधिकारी से लेकर नगर निगम के वरीय पदाधिकारी तक आवागमन करते हैं। परंतु लगता है कि अतिक्रमणकारी को देखकर , अपनी मुंह घुमा लेते हैं। वरना आख़िर क्या बात है कि जिले के आला अधिकारी भी जाम में फंसते हैं। परंतु अतिक्रमण हटाने के बजाय जाम का हिस्सा ही बने दिखते हैं।

    बहरहाल, नगर निगम की सोच लगता यही है कि जनता जाए भाड़ में, नगर निगम की आमदनी  होती रहे। चाहे  बीच सड़क पर ही हार्डिंग लगाना ही क्यों न पड़े।

    पता नहीं, नगर निगम के पदाधिकारी से लेकर कर्मचारी तक पोल लगाने का आदेश देते समय यह क्यों नहीं देख पाते हैं कि यहां पर लगाने से सड़क  की चौड़ाई कम हो जाएगी।  शायद नगर निगम की मंशा है कि जनता से मोटी रकम कैसे वसूली जाए ।

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