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    ‘भ्रष्ट-नरक बन गया है बिहार शरीफ नगर निगम, आंदोलन करेगी कांग्रेस’

    "बिहार शरीफ नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार की झलक पूरे शहर घूमने पर हर जगह दिख जाएगा ।यहां के कर्मचारी पूरी तरह से अंधे हैं। सड़क पर लाइट के नाम पर करोड़ों रुपया सलाना निकाल लिया जाता है....

    बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष दिलीप कुमार ने कहा कि बिहारशरीफ को स्मार्ट सिटी का दर्जा  मिले हुए कई साल बीत चुके हैं, परंतु शहर में पांच पर्सेंट का भी बदलाव नहीं दिख रहा है। जिससे शहर की जनता को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।

    कांग्रेस जिला अध्यक्ष दिलीप कुमार ने इस संवाददाता से बातचीत में कहा कि नगर परिषद से नगर निगम बने हुए करीब 15 वर्ष बीतने को है। बिहार शरीफ की जनता को कौन सी सुविधा प्रदान की गई। उनके मकानों का टैक्स बढ़ाकर कई गुना कर दिया गया है, लेकिन सुविधा नगन्य है। पूरा शहर कूड़े के ढेर में तब्दील हो गया है।

    उन्होंने कहा कि सड़क पर लाइट के नाम पर करोड़ों रुपया सलाना निकाल लिया जाता है। जबकि शहर के बीचो बीच जो सड़क मोरा पचासा मोड़ से लेकर कारगिल चौक तक जाती है ,उसका  अस्सी प्रतिशत बल्ब रात को नहीं जलता है। जिससे सड़कों पर अंधेरा छाया रहता है।

    उन्होंने कहा कि 30 फीट की सड़क को दो भाग में कर दिया गया है ,जिस पर दो गाड़ी चलना तो दूर एक भी गाड़ी को चलने में परेशानी होती है।

    उन्होंने कहा कि अगर  सोहसराय, भराव मोड़ पर से या कारगिल मोड़ तक जाना चाहते हैं तो एक ऑटो या बस वाले या ठेला वाले के पीछे-पीछे आपको वहां पहुंचने में 1 घंटा से अधिक समय लगेगा। यही हाल पूरे शहर की है।

    उन्होंने बताया कि बिहार शरीफ नगर निगम के किसी भी क्षेत्र में जाम की समस्या रोज-रोज बनी रहती है और यहां के चौक चौराहों पर ट्रैफिक व्यवस्था के नाम पर महज दो-चार होमगार्ड के जवान सड़क किनारे खड़े रहते हैं।

    नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार की झलक पूरे शहर घूमने पर हर जगह दिख जाएगा ।यहां के कर्मचारी पूरी तरह से अंधे हैं। बल्कि  पूरे बिहार बिहार वासियों को भी बिहार शरीफ नगर निगम में घर बनाने के लिए आमंत्रित करता हूं,जहां ना को नक्शा की आवश्यकता है और न ही सेट बैक छोड़ना है और ना ही एफ.ए.आर.की आवश्यकता है।

    उन्होंने नगर निगम पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यहां कोई नियम है और ना कोई कानून। बल्कि अपने पूरे जमीन पर घर बना कर आराम से सीढ़ी एवं दरवाजा सरकारी सड़क की जमीन पर खड़ा कर दें, कोई देखने सुनने वाला नहीं है। बस इसके एवज में छोटी मोटी रकम आपको नगर निगम कर्मचारी स्टाफ को देनी होगी।

    उन्होंने कहा कि बिहार शरीफ नगर निगम के पदाधिकारियों की नजर में भले ही नहीं दिखता हो, लेकिन हमारे आपके नजर में ऐसे सैकड़ों मकान व्यवसायिक प्रतिष्ठान दिख रहे हैं, जिनका सीढी़ और सेटबैक एफ.ए.आर.सामने से भ्रष्टाचार की गवाही बनकर दिख रहा है।

    उन्होंने कहा कि जिस नगर निगम और स्मार्ट सिटी क्षेत्र में क्षेत्र के ही सत्तारूढ़ दल के विधायक जाम की समस्या और निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार का रोना रो रहे हो तो उस शहर और निगम की जनता का क्या हाल होगा ,इसका अंदाजा लगा सकते हैं।

    उन्होंने नगर निगम को चेतावनी दी है कि अगर स्थिति जल्दी नहीं सुधरी तो उनकी पार्टी गोलबंद होकर चरणबद्ध ढंग से आंदोलन चलाएगी।

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