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    इस प्रखंड में सर्वत्र शोभा की वस्तु बनकर रह गई है सीएम की पानी टंकी

    नगरनौसा (राजीव रंजन)। सीएम नीतीश कुमार की अति महत्वाकांक्षी योजना का अजीबोगरीब हाल देखना है तो नगरनौसा का सैर कर लीजिए। सीएम के इस ड्रीम प्रोजेक्ट का हाल बेहाल नजर आएगा। तब पता चलेगा कि कागज क्या कहती है और सरजमीं क्या कहती है।

    नगरनौसा प्रखंड के अधिकांश पंचायतों के वार्ड में बिछाई गई नल जल योजना में भ्रष्टाचार का बू दिख रहा है।वहीं पानी के संचय के लिए बनी पानी टंकी शोभा की वस्तु बनकर रह गई है।

    नगरनौसा प्रखंड के गिलानीचक से पानी टंकी ध्वस्त होने का जो सिलसिला शुरू हुआ है, वह अब रामपुर पंचायत तक पहुंच गया है।

    एक सप्ताह पूर्व रामपुर पंचायत के वार्ड संख्या नौ में पानी टंकी में सप्लाई के साथ ही उसकी सरंचना ध्वस्त होकर जमीन पर आ गिरी थी। हालांकि बीडियो ने जांच के आदेश भी दिए थें। लेकिन भ्रष्टाचार के हमाम में  शरीर पर कपड़े कहां शोभा देते हैं।

    अब उसी पंचायत के वार्ड संख्या 2 में पानी टंकी शोभा बनी हुई है। इस डर से टंकी में पानी सप्लाई नहीं हो रहा है कि पता नहीं वह पानी के बोझ से कब धराशाई हो जाएं।

    वार्ड संख्या 2 के लोगों को सीधे मोटर के माध्यम से पानी आपूर्ति की जा रही है। जबकि बिजली न रहने पर उन्हें पानी की किल्लत झेलनी पड़ती है।

    वार्ड वाले कहते हैं कि लगभग हर वार्ड का यही हाल है आखिर वह शिकायत कर के करें तो क्या। कोई सुननेवाला और न ही देखने वाला है।

    बताते चलें कि इसी प्रखंड के दामोदरपुर बल्धा पंचायत के पंडित दीनदयाल उपाध्याय पुरस्कार से सम्मानित मुखिया के घर के पास बनें पानी टंकी का सिन्टेक्स एक हवा के झोंके से उड़कर ज़मीन पर आ गिरा था। जिसको लेकर लोग व्यंग्य भी कस रहें थे। हवा के झोंके से उड़ गया रे! मुखिया जी का टंकी।

    मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना के तहत दामोदरपुर बल्धा पंचायत के इस पानी टंकी का सीएम ने पिछले साल ही 28 अगस्त को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से उद्घाटन किया था। तबसे उस टंकी में पानी का सप्लाई नहीं हो सका है।

    देखा जाए तो सीएम का यह ड्रीम प्रोजेक्ट नगरनौसा में पदाधिकारियों के लिए कामधेनु साबित हो रहा है। जिसकी देख रेख और जांच करने के नाम पर भी पाकेट गर्म किया जाता है।

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