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    मगध के बिखरते धरोहरों को चिन्हित कर सरकार को सूचित करने का निर्णय

    राजगीर (नालंदा दर्पण)। अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन स्थल राजगीर के ऐतेहासिक धरोहरों को बचाने के लिए समाजसेवी अशोक कुमार हिमांशु की अध्यक्षता में राजगीर विकास समिति के ऐतिहासिक धरोहर सरंक्षण समिति की एक बैठक हुई।

    इस बैठक में ऐतिहासिक धरोहर सरंक्षण समिति का विस्तारीकरण एवं मगध की प्रमुख स्थलों पर छिन्न-भिन्न हो रहे धरोहरों को चिन्हित कर भारत सरकार और बिहार सरकार को अवगत कराने, प्रसिद्ध इतिहासकारों एवं जाने माने प्राध्यापको के द्वारा इस पर शोध हेतु प्रेरित करने पर विचार मंथन किया गया।

    बैठक में समिति के संरक्षक उमराव प्रसाद निर्मल ने राजगीर के ऐतिहासिक धरोहरों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अभी तक 168 धरोहरों की सूचीबद्ध करने के लिए पांच कमिटियों के चयन करने का निर्णय लिया गया है। जिसमें धरोहर संरक्षण समिति, कला-संस्कृति, खेल-कूद समिति, शोध धरोहर अनुसन्धान समिति, शोशल मीडिया आदि प्रमुख हैं।

    बैठक संचालन समिति के संयोजक चंद्रप्रकाश ने की। जिसमें प्रो. अरविंद कुमार सिंह, बिहार प्रदेश असंगठित कामगार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार पासवान, मुखिया मंजू देवी, पांडा समिति के प्रवक्ता सह समाजसेवी सुधीर उपाध्याय, लोक गायक भैया अजित, जागरूकता अभियान के समन्वयक रमेश कुमार पान, वार्ड पार्षद विकास कुशवाहा, सुरेन्द्र प्रसाद,  नालंदा फुटपाथ दुकानदार अधिकार मंच के अध्यक्ष गोपाल भदानी, सुरेन्द्र यादव, महेंद्र प्रसाद, प्रदीप चंद्रवंशी, कर्मवीर कुमार, बबलू, अरविंद कुमार सिंह, कुमार रामधीन, राजकुमार दांगी, प्रशांत कुमार आदि लोग शामिल हुए।

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