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    धनेश्वरघाट सेंट्रल लाइब्रेरी का होगा कायाकल्प, 10 करोड़ की लागत से बनेगी जी प्लस फोर बिल्डिंग

    "लाइब्रेरी को पूर्णत: वातानुकूलित बनाया जाएगा। सभी फ्लोर पर सेंटरलाइज एसी होगा, ताकि रूम को सामान्य रूप से ठंडा रख सके। लोगों के जरूरतों को देखते हुए इसे आगे भी डेवलप किया जाएगा....

    बिहार शरीफ (नालंदा दर्पण)। अंततः तीन साल बाद धनेश्वरघाट स्थित जिला केंद्रीय पुस्तकालय के कायाकल्प होने का रास्त साफ हो गया है। पुस्तकालय का निर्माण कार्य के लिए विभागीय अनुमति मिलने के बाद टेंडर का काम भी पूरा कर लिया गया है।

    यहाँ अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस जी प्लस फोर बिल्डिंग के निर्माण पर करीब 10 करोड़ खर्च करने का प्रावधान तैयार किया गया है। स्मार्ट सिटी द्वारा तैयार किए गए डीपीआर के मुताबिक कई तरह की सुविधा उपलब्ध होगी।

    यहाँ पार्किंग के साथ-साथ रेस्टोरेंट एवं कैफेटेरिया की भी व्यवस्था की गई है। पुस्तकालय के उपर जाने के लिए सीढ़ी के साथ-साथ फायर फिटिंग सिस्टम से लैस लिफ्ट की भी सुविधा होगी।

    नगर आयुक्त तरनजोत सिंह के अनुसार काफी लंबे समय से लाइब्रेरी के लिए विभागीय अनुमति का इंतजार था। स्मार्ट सिटी के तहत शिक्षा के क्षेत्र में भी काम किया जा रहा है।

    स्कूलों को स्मार्ट बनाने के साथ-साथ एक स्मार्ट लाइब्रेरी का भी निर्माण किया जाना है। भवन निर्माण विभाग को कार्य एजेंसी बनाया गया है। टेंडर का काम पूरा हो चूका है।

    ग्राउंड फ्लोर में पार्किंग की व्यवस्था की गई है। जिसमें छोटी-बड़ी करीब 85 गाड़ियां एक साथ लग सकेगी। पुस्तकालय का लुक भी बड़े शहरों के तर्ज पर तैयार किया गया है।

    स्मार्ट सिटी के सीईओ विनोद कुमार के अनुसार जी प्लस फोर बिल्डिंग तैयार किया गया है। तीन फ्लोर पर लाइब्रेरी की व्यवस्था की गई है। सभी फ्लोर पर बड़ा हॉल तैयार किया गया है, जिसमें स्टडी रूम, बैगेज काउंटर, बुक लेंडिंग आदि की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक फ्लोर पर 15-18 लोगों की बैठने की जगह बनाया गया है। जहां शांति से लोग अध्ययन कर सकें।

    नगर आयुक्त ने बताया कि पूरे लाइब्रेरी परिसर को ग्रीन जोन के रूप में डेवलप किया जाएगा। जी प्लस फोर ब्लिडिंग होगा, जिसमें ग्राउंड फ्लोर में पार्किंग, शौचालय व अन्य मूलभूत सुविधाएं होगी। इसके अलावे तीन फ्लोर पर पुस्तकालय, कम्प्युटर रूम होगी। इसके अलावा ई-लाईब्रेरी की भी सुविधा होगी।

    सीईओ ने बताया कि लाइब्रेरी के आस-पास कोचिंग हब है। जहां हजारों की संख्या में लोग क्लास करने आते हैं। छात्रों की सुविधा को देखते हुए टॉप फ्लोर पर रेस्टोरेंट व कैफेटेरिया की व्यवस्था की गई है। ताकि पुस्तकालय में अध्ययन करने आने वाले लोगों को ब्रेक फास्ट एवं खाना के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़े।

    उन्होंने बताया कि अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस पुस्तकालय का निर्माण किया जाना है। इसमें लिफ्ट भी कम्प्लीट फायर फिटिंग सिस्टम से लैस होगा। ताकि किसी कारणवश आग लग जाती है तो मिनटों में आग पर काबु पाया जा सकेगा। और किसी को नुकसान भी नहीं होगा।

    डीपीआर के अनुसार धनेश्वरघाट पुस्तकालय में बेहतर पार्किग की व्यवस्था की गई है। यहां एक साथ छोटी-बड़ी 85 गाड़ियां लगेगी। जिसमें करीब 50 साईकिल, 30 मोटरसाइकिल एवं 10 कार लगाने की व्यवस्था शामिल है। साथ ही लाइब्रेरी परिसर के ग्रीन जोन के रूप में डेवलप किया जाएगा।

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