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    नालंदा जिले में एनओसी नहीं मिलने से अधर में लटकी दर्जनों भवन निर्माण की योजनाएं

    बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले में दर्जनों योजनाएं जमीन न मिलने के कारण अधर में लटकी हैं। लेकिन, जिले के 31 सरकारी भवनों के निर्माण के लिए जमीन खोज ली गयी है। बावजूद, भवन निर्माण में पेच फंसा हुआ है।

    संबंधित विभागों के अधिकारी सीओ के पास एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) के लिए पत्र भेजे हुए हैं लेकिन, एनओसी न मिलने के कारण भवनों का निर्माण शुरू नहीं किया जा सका है।

    रहुई के रघुनाथपुर स्कूल की जमीन का एनओसी की फाइल पांच साल तो अस्थावां में आंगनबाड़ी निर्माण की फाइल छह माह से साहेबान के टेबुलों पर धूल फांक रही हैं और तो और, हरनौत में आंगनबाड़ी भवन निर्माण के लिए भेजी गई फाइल कई दिनों से अंचल कार्यालय में धूल फांक रही है।

    अंचल कार्यालय में एनओसी के लिए मुख्य रूप से आंगनबाड़ी, स्कूल, सामुदायिक शौचालय व अंबेदकर छात्रावास निर्माण की फाइलें शामिल हैं। जिन विभागों की फाइलें एनओसी का इंतजार कर रही हैं।

    वहां के अधिकारियों का मानना है कि सीओ द्वारा एनओसी समय से दिया जाये तो भवन निर्माण कार्य में तेजी स्वत: आ जाएगी। हद तो यह कि रहुई में वर्षों इंतजार के बाद भी एनओसी नहीं मिल पाया है।

    रहुई की सीडीपीओ कुमारी ममता ने बताया कि पांच आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध है। एनओसी नहीं मिलने से काम रुका हुआ है।

    ओडीएफ के कर्मी ने बताया कि इतासंग, सोसंदी व इमामगंज में सामुदायिक शौचालयों के निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध होने पर एनओसी के लिए फाइल अंचल कार्यालय भेजी गई है। अभी तक एनओसी नहीं मिला है।

    वहीं बीईओ कुमारी उषा ने बताया कि मल्लिचक, छोटी गोबरिया व वाजितपुर प्राथमिक स्कूलों के लिए एनओसी की फाइलें भेजी गयी हैं। वहीं रघुनाथपुर प्राथमिक स्कूल की एनओसी फाइल वर्ष 2017 से अटकी हुई हैं।

    इसी प्रकार, अस्थावां में कटहरी पंचायत के आंगनबाड़ी केंद्र-167 महमदपुर-157 व दो, नोआवां-119, ओन्दा-197, अंदी-163 तो गिलानी-202 आंगनबाड़ी केन्द्रों के भवन निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध है। जनवरी 2022 में ही एनओसी फाइल अंचल कार्यालय भेजी गयी है। अभी तक एनओसी नहीं दिया गया है।

    साथ ही हरनौत के 12 केंद्रों में धर्मपुर आंगनबाड़ी-167, किचनी-195 बराह-29, चेरन-184, तीरा-59, बीच बाजार-73, लंघौरा-97, कल्याण बिगहा-35, उखड़ा-58, हरिहरपुर-गंगटा-106 चिरैंयापर-163 व चेरो आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 42 के भवन निर्माण के लिए अंचल कार्यालय फाइल भेजी गयी है। एनओसी नहीं मिलने से भवन नहीं बनाया जा रहा है।