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    कारगिल बस स्टैंडः प्रशासन-निगम की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे हैं ठेकेदार-लोग

    बिहारशरीफ (संजय कुमार)। बिहार शरीफ सहित नालंदा जिले के लोगों  के सहूलियत हेतु व रामचंद्रपुर बस स्टैंड पर बढ़ते बसों के दबाव को कम करने के उद्देश से कारगिल बस स्टैंड का निर्माण तो करा दिया गया।

    परंतु, नगर निगम की लापरवाही के कारण गया रूट को छोड़कर  बाकी रूट की बस रामचंद्रपुर स्टैंड से ही खुल रही है।

    जबकि, बजाप्ता कारगिल बस स्टैंड हेतु नगर निगम द्वारा ठेका भी दे दिया गया है। परंतु ,निर्धारित बस नहीं खुलने के कारण ठेकेदार को हानि उठाना पड़ रहा है।

    कारगिल बस स्टैंड के ठेकेदार भूषण कुमार ने अपने अधिवक्ता शशि शंकर द्वारा संयुक्त  आयुक्त सह सचिव क्षेत्रीय प्राधिकार पटना प्रमंडल पटना, जिलाधिकारी नालंदा, नगर आयुक्त नगर निगम बिहारशरीफ, जिला परिवहन पदाधिकारी बिहार शरीफ को विधिक नोटिस अंदर धारा-80 सीपीसी के तहत भेजा है।

    इसमें कहा गया है कि नगर निगम  के आयुक्त  द्वारा वित्तीय वर्ष 2020-21 के दिनांक-27-11-2020 को खुला डाक द्वारा 4 महीने की अवधि के लिए भूषण कुमार को ठेका दिया गया था।

    इस हेतु 5,06,500 रुपए की उच्च बोली लगाने के बाद ठेका मिला था। इसके लिए बसों का किराया 76 रुपया प्रतिदिन,   प्रति बस,  टाटा 407 ₹51 तथा जीप- टेकर एवं सवारी गाड़ी ₹32 प्रतिदिन के हिसाब से वसूल करने हेतु शर्तें रखी गई थी।

    नालंदा के जिला पदाधिकारी द्वारा आयुक्त सह अध्यक्ष क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार पटना प्रमंडल से कारगिल बस स्टैंड से सभी मार्गो नवादा से पटना, भाया बिहार शरीफ, बिहार शरीफ से राजगीर, बिहार से गया तथा बिहार शरीफ से नवादा,  वारसलीगंज ,कतरी सराय ,अलीगंज  परिचालन करने का अनुरोध किया था।

    जिस पर संयुक्त आयुक्त सचिव पथ परिवहन प्राधिकार पटना प्रमंडल पटना ने सभी मार्गों की बसों को पुनः परिचालन करने के लिए आदेश दिया था।

    इसके बावजूद भी गया को छोड़कर कोई भी बस यहां से नहीं खुल रही है। जिसके कारण ठेकेदार को प्रतिदिन 121 60 रुपया का नुकसान हो रहा है।

    ठेकेदार ने उस नोटिस में कहा है कि ठेके के समय नगर निगम द्वारा यह कहा गया था कि  पूरे परिसर के साफ सफाई की जिम्मेवारी भी ठेकेदार को ही करनी है।

    परंतु, स्टैंड परिसर में हर घर नल योजना के ठेकेदार द्वारा तथा लहेरी थाना द्वारा जप्त किए गए वाहनों को यहां रखे जाने से गया रूट वाली बसों को भी मोड़ने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

    इतना ही नहीं यात्रियों के ठहरने हेतु रैन बसेरा बना हुआ है, वहां पुलिस कर्मियों ने अपना स्थाई निवास स्थान बना लिया है। जिसके कारण यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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