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    बिजली विभाग का देखिए करतूत, नीजि उपभोक्ताओं पर मुकदमा और सरकारी को चोरी की छूट !

    बिहार में सुशासन का राज है। इसके बावजूद बिजली कंपनियां उपभोक्ताओं के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। जबकि होना यह चाहिए कि सरकारी हो या प्राइवेट सभी संस्थानों पर बिजली विभाग द्वारा छापामारी किया जाना चाहिए। क्योंकि, बिजली चोरी रुकेंगेंगी, बिजली विभाग को फायदा  होगा, जिसका असर उपभोक्ताओं पर भी पड़ेगा और लोगों को सस्ती बिजली मिलेगी....

    बिहारशरीफ (संजय कुमार)। बिजली विभाग के कर्मी प्रतिदिन आम जनों के घरों एवं प्रतिष्ठानों पर जा जा कर बिजली चोरी के आरोप में मुकदमा दर्ज कर रहे हैं। किसी पर आरोप लगता है, मीटर से छेड़छाड़ किया जा रहा है, तो किसी पर मीटर बायपास कर बिजली उपयोग का मामला बनता है, तो किसी पर भार से अधिक विद्युत उपयोग का मामला बनता है।

    परंतु, खुद जिले के कुछ सरकारी संस्थान बिना मीटर का विद्युत का उपयोग कर रहे हैं,लेकिन आज तक  इन पर केस दर्ज नहीं हुआ होगा। मिसाल के तौर पर है बुल्लक कुआं स्थित पानी टंकी में लगा मीटर।

    बताया जाता है कि इस मोहल्ले में वाटर स्टैंड पोस्ट बना हुआ है। बजाप्ता मीटर लगा हुआ था। परंतु ,इन दिनों पानी स्टैंड भवन में मीटर से तार काटकर अलग से जोड़कर बिजली का उपयोग किया जा रहा है।

    हर माह मीटर रीडर रीडिंग लेने भी आते हैं, परंतु आज तक विद्युत विभाग द्वारा नगर निगम पर मुकदमा नहीं किया गया है। जबकि कानूनन प्रावधान यह है कि चाहे प्राइवेट संस्थान हो या सरकारी संस्थान ,खुद क्यों न बिजली कार्यालय ही क्यों न हो ,वहां भी बिना मीटर का बिजली प्रयोग नहीं करना है।

    लेकिन बार-बार बिजली कंपनियां बिजली चोरी का आरोप लगाकर घाटे में होने का रोना रोते रहती है। परंतु, हकीकत यही है कि प्राइवेट घरों व आवासों में लगातार छापामारी करती है, कोई न कोई बहाना लगाकर लाखों रुपया जुर्माना की जाती है। परंतु सरकारी संस्थानों या सरकारी क्वार्टरों में कोई छापामारी नहीं जाती है।

    शहर के कुछ लोगों ने इस संवाददाता को बताया कि बिजली विभाग के क्वार्टर में गैस की खपत न के बराबर है, क्योंकि क्वार्टर में रहने वाले लोग बिजली का उपयोग खाना बनाने आदि में करते हैं।

    बिजली विभाग के कर्मियों को उनके पद के अनुसार कुछ यूनिट बिजली मुफ्त देने का प्रवधान  है। परंतु ये लोग मनमाना बिजली का उपयोग कर रहे हैं।

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