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    नवादाः नवोदय विद्यालय से रैगिंग को लेकर असम के 15 छात्र फरार

    नवादा (दिलीप कुमार गुप्ता)।  जवाहर नवोदय विद्यालय रेवार, पकरीबरावां में पढ़ाई कर रहे करीमगंज (आसाम) के 15 छात्र शनिवार की भोर में फरार हो गये। बाद में सभी छात्रों को शेखपुरा में गया-झाझा ट्रेन से बरामद किया गया।

    भागने वाले छात्रों की शिकायत थी कि विद्यालय में रैंगिंग व अपमान का सामना करना पड़ रहा था। वैसे विद्यालय प्राचार्य पीएस मिश्रा ने छात्रों के आरोपों को खारिज किया है।

    बताया जाता है कि सुबह करीब 4 बजे 15 छात्र विद्यालय करी चहारदीवारी फांद कर फरार हो गये। सभी वहां से पकरीबरावां बाजार पहुंचे। जहां से सुरक्षित वाहन से नवादा स्टेशन पहुंचे। स्टेशन से गया-झाझा ट्रेन पर सवार होकर सभी किउल जा रहे थे। रास्ते में शेखपुरा स्टेशन पर ट्रेन से छात्रों को उतारा गया।

    इस बाबत विद्यालय प्राचार्य श्रीमिश्रा ने बताया कि सुबह 5.45 पीटी के दौरान छात्रों के फरार होने की खबर मिली। भागने वाले छात्रों में जाफर शरीफ, समीर उद्दीन, मिर्नाको धर, एफसकले बारा, अब्बू ताहिर, रोलायन स्वीटिंग सहित सभी 9वें वर्ग के 15 छात्र शामिल थे।

    उन्होंने बताया कि माइग्रेशन के तहत आसाम से कुल 25 छात्र-छात्राएं पढ़ाई के लिये यहां आये थे। जिसमें 8 छात्राएं थी। घटना की जानकारी मिलते ही छह शिक्षकों को खोजबीन के लिये नवादा, शेखपुरा, जमुई के रेलवे स्टेशन पर लगाया।

    इसके साथ ही अन्य नवोदय विद्यालय को भी इसकी सूचना दी गयी। आखिरकार जवाहर नवोदय विद्यालय शेखपुरा के प्राचार्य जीएस तोमर ने सभी छात्रों को झाझा-गया पैसेंजर ट्रेन से शेखपुरा स्टेशन पर बरामद किया।

    इधर घटना की जानकारी मिलने पर अंचलाधिकारी जयराम प्रसाद सिंह, थानाध्यक्ष धनेश्वर पासवान सुबह 11 बजे विद्यालय पहुंचे और मामले की जांच की।

    विद्यालय में बचे आसाम के छात्र-छात्राओं से पूछताछ करने पर पता चला कि सीनियर छात्रों द्वारा रैगिंग करवाने, छात्राओं के साथ आपत्तिजनक टिप्पणी करने, शिक्षकों से शिकायत करने पर डांट लगाने से क्षुब्ध हो छात्र भागे।

    मीनू के अनुसार भोजन नहीं मिलने की शिकायत भी छात्रों ने की। कई छात्र-छात्राओं ने नाम नहीं छापने की शर्त पर अपनी समस्याओं को बताते हुए कहा कि प्राय: मात्र आलू की सब्जी मिलती है। मीट-मछली तो मिलती ही नहीं है।

    छात्रा तमन्ना बेगम, रूमाना प्रवीण, प्रियंका दत्ता, सोन्नैगंक, सुनीता धोबी, रूपन दास आदि ने अंचलाधिकारी से अपने गृह राज्य भेजने का आग्रह की है।

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