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    गोली मारने वाले बदमाश की 10 दिन बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने से पुलिस पर उठ रहे सवाल

    कहने को बिहार में कानून का राज है। लेकिन खुद सीएम नीतीश कुमार के गृह जिले में एक युवक के परिजन न्याय की तलाश में भटक रहे हैं। अपने पुत्र के हत्या के प्रयास में आरोपी बदमाश की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक से गुहार लगा रहे हैं

    बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। मामला गिरियक थाना क्षेत्र के घोसरामा गांव का है। आरोपी की गिरफ्तारी तो दूर, आरोपी खुद अब परिजन को धमकी दें रहें हैं कि अगर केस वापस नहीं लिया तो अंजाम बुरा हो सकता है।

    आरोपी अजय सिंह (फाईल फोटो)

    आरोपी बदमाश सेना से वीआरएस लिये हुए हैं। उसने अपने लाइसेंसी रिवाल्वर से युवक को गोली मार दी थी। जिसे गंभीर हालत में पटना रेफर कर दिया गया था।

    हालांकि युवक बच तो गया, लेकिन गर्दन में गोली लगने की वजह से वह सामान्य तरीके से लोगों से बात नहीं कर पा रहा है।

    बताया जाता है कि गिरियक प्रखंड क्षेत्र के घोसरामां में विगत 2 जून को एक बदमाश ने एक युवक पर उस समय गोलियो से हमला कर दिया, जब वह अपने घर से मेडिकल स्टोर से दवा लेने जा रहा था।

    इस गोलीबारी में घोसरामां के छोटे सिंह के गर्दन में गोली लग गई। घायल अवस्था में उसे पटना के एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया। हालांकि इस घटना में वह बच गया है, लेकिन उसकी आवाज पहले जैसी नहीं रही।

    घटना के डेढ़ महीने बाद भी गिरियक पुलिस आरोपी अजय सिंह पर हाथ डालने से घबरा रही है।

    घटना के एक माह से ज्यादा समय बीत जाने के उपरांत भी पुलिस अब तक  आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी हैं। वहीं आरोपी द्वारा लगातार केस वापस लेने के लिए परिजन को  धमकी दे रहे हैं।

    घायल युवक छोटे सिंह की माँ नीतू देवी ने बताया कि घटना एक महीना 10 दिन बीत जाने के बावजूद आरोपी को गिरफ्तार करने में पुलिस नाकाम है।

    उन्होंने बताया कि घटना के बाद डीएसपी के नेतृत्व में अनुसंधान किया गया था। जिसमें मामला को सत्य ठहराया गया। वही कोर्ट से आरोपी अजय सिंह के द्वारा अग्रिम बेल लेने की कोशिश की गई थी, जिसे कोर्ट ने नामंजूर कर दी गई थी।

    घायल युवक छोटे सिंह की मां नीतू देवी ने बताया कि गोली मारने वाले अजय सिंह ने उनके पूरे परिवार को समझौता करने के लिए लगातार धमकी दे रहा हैं। छोटे सिंह  को समझौता नहीं करने पर फिर से बंदूक उठाने की बात कर रहे हैं। इससे उनका पूरा परिवार भयभीत एव दहशत में जी रहे है।

     जिम्मेदार अधिकारी हर बार जल्द कार्रवाई का रटा रटाया बयान देकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। लेकिन अभी तक कोई भी कार्रवाई नहीं हुई।

    नीतू देवी का कहना है कि परिवार वालों ने गांव के अजय सिंह को इस मामले मे नामजद अभियुक्त बनाया था। अजय सिंह गांव का एक दबंग व्यक्ति है एवं उसके पास लाइसेंसी हथियार भी है जिससे उसने गोली चलाई वह सेना से वीआरएस  लेकर गांव में ही रह रहे हैं ।

    बताया जाता है कि धोसरावां गांव निवासी गोरेलाल सिंह के पुत्र छोटे सिंह जब दवा लेने गये थे, उसी बीच बदमाश ने गोलियां बरसा दी, जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया एव चिंताजनक हालत में परिजनों द्वारा इलाज के लिए पटना के निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।

    पिता ने स्थानीय थाने में एफआईआर दर्ज कराया था कि उनके गांव के ही राम चरित्तर सिंह के पुत्र अजय सिंह अपने कुछ लोगो के साथ गांव के हीं पुस्तकालय के समीप नशे की हालत में उसपर हमला कर दिया एवं विरोध करने पर एक के बाद एक ताबड़तोड़ तीन गोलियां दाग दी । गोली गर्दन के आर पार हो गयी।

    अजय सिंह सेना से वीआरएस लेकर गांव में ही रह रहे हैं। आरोप है कि उसके पास लाइसेंसी रिवाल्वर भी है। जिससे घटना को अंजाम दिया गया।

    परिजन ने पुलिस अधीक्षक नालंदा से उक्त आरोपी का लाइसेंसी रिवाल्वर का लाइसेंस रद्द करने की गुहार लगाई है। हालांकि उसके लाइसेंस हथियार स्थानीय थाने में दर्ज नहीं है। ऐसे में परिजन अपने सुरक्षा और आरोपी के लाइसेंस रद्द कर उसे जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।

    उधर, इस संबंध में अनुसंधानकर्ता पुलिस अधिकारी ने बताया कि फिलहाल वह छुट्टी पर हैं, आरोपी की गिरफ्तारी जल्द कर ली जाएगी।

     

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