अन्य

    देखिए कतरीसराय के कटौना में अतिक्रमण बीच कैसे आफत बनी विकास की भ्रष्ट लकीर

    यहाँ प्रभावित घरों के बच्चे कैद में जी रहे हैं। पानी होने के कारण सांप का भी डर बना रहता है। सिर्फ बरसात में ही नहीं, अपितु यहाँ सालो भर जल जमाव की समस्या बनी रहती है

    नालंदा दर्पण (रौशन राज)। कतरीसराय प्रखंड के कटौना में जल जमाव की समस्या से लोग परेशान है। नाले की जमीन को अतिक्रमण कर लिया गया है, जिससे पानी का निकास बंद है हल्की फुल्की वारिश में भी इतना पानी भर जाता है कि लोग पानी में ही घर जाने को मजबूर है।

    कतरीसराय के कटौना गाँव में पानी की समस्या से लोग इतना परेशान है कि अपने घर से आने जाने में भी हो रही है परेशानी। लगभग दस घर पानी में तैर रहा है। गनीमत ये है कि इस घर के बच्चों को लोग घर से निकलने नही देते है कि कुछ अप्रिय घटना नही हो जाय।

    इस समस्या पर बात करते हुए राकेश कुमार ने बताया कि जब से नया रोड का निर्माण किया गया है, तब से हमलोग को घर आने जाने में भी नही बनता।

    यहाँ तक कि अंचलाधिकारी भी निरीक्षण कर के गए है लेकिन कोई सामस्या का समाधान नही निकला है और न ही निकालने की कोशिश किये है।

    वही इसपर नीरज कुमार ने बताया कि लगभग 38 लाख की योजना से सड़क का निर्माण किया गया है लेकिन नाला का निर्माण नही किया गया है, जिसके कारण सड़क पर पानी भरा पड़ा है।

    उन्होंने आगे बताया कि इस सड़क योजना में भारी लूट खसोंट हुआ है जिसका भुक्त भोगी हमलोग हो रहे है। नाला का निर्माण नही होने के कारण पानी का निकास बंद है। जिससे हमलोग डूब रहे है। लोग बीमार पड़ रहे है।  सड़क को भी काफी नुकसान हो रहा है।

    वहीं इसपर बात करते हुए धर्मेंद्र कुमार बोले कि हम परेशान है। हम मोटर लगा कर पानी को निकालते हैं। नहीं तो हमारे घर में पानी घुस जाता है। हमारे घर के बच्चे भी खेलने के लिए नही निकलते है। हमेशा डर बना रहता है।

    उन्होंने आगे बताया कि इस पर कोई स्थानीय जनप्रतिनिधि देखने को तैयार नहीं है, वही प्रसाशनिक अधिकारी के लापरवाही के कारण हमलोग इस स्थिति में जीने को मजबूर है।

    वहीं कुछ ग्रामीण ने बात करते हुए बताया कि कटौना स्कूल से 30 मीटर की दूरी पर जल जमाव की समस्या है लेकिन कोई देखने बाल नहीं है। करोना के कारण अभी स्कूल बन्द है नही तो स्कूल जाने बाले किसी भी बच्चे के साथ अप्रिय घटना घट सकती है।

    ग्रामीणों ने यहाँ तक कहा कि लगभग दस घरो को सरकार नाव की ब्यबस्था करे या तो नाले को अतिक्रमण मुक्त कराये। कुछ भी घटना घटती है तो इसका जिमेदार सीधे तौर पे अंचलाधिकारी होंगे।

    वहीं, जब हमने देखा तो पाया कि लोग बहुत कष्ट में जी रहे है। इसका निदान होना चाहिए। सड़क बनाने बाले ठीकेदार पर भी करवाई होना चाहिए। सड़क अगर आप बनाए है तो नाला कौन बनायेगा।

    अंचलाधिकारी को भी आगे आकर इस मामले का निपटारा करना चाहिए। इन तमाम घरो के लोग परेशानी में जी रहे है। सबसे ज्यादा कस्ट इन घरो के बच्चों को है।