अन्य

    स्मार्ट सिटीः नगर आयुक्त की लापरवाही से यूं नरक बन रहा बिहार शरीफ

    बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। कहने को तो बिहारशरीफ स्मार्ट सिटी बन गया है, परंतु यहाँ सुविधाएं आज भी नदारत है।घरों के जाम हो चुके शौचालय टंकी को साफ करने के उद्देश्य नगर निगम द्वारा कम बैक मशीन खरीदा गया था। लेकिन इसका लाभ मुहल्ले के अंदर रहने वाले लोगों को नहीं मिल पा रहा है।

    नतीजन लोग मोटी रकम देकर सफाई कर्मी द्वारा नली एवं कूड़ा फेंकने के स्थान पर फेकवा दिया जाता है, जिससे शहर में  गंदगी बढ़ जाती हैं। इस ओर से लोगों का आना जाना भी मुश्किल हो जाता हैं।

    मिली जानकारी के अनुसार पुलपर से नवाब रोड होते हुए बाबा मनीराम जाने हेतु सड़क पर काला टीका मुहल्ले के पास,  नवाब रोड के निकट कल रात्रि अज्ञात व्यक्ति द्वारा अपने शौचालय के टंकी का मल मूत्र ,कूड़ा फेंकने वाले स्थान पर फेंकवा दिया गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में दुर्गंध फैल गया है और लोगों का आना जाना भी मुश्किल हो गया है।

    इस रोड से ऐतिहासिक बाबा मनीराम मंदिर, लोग पूजा अर्चना करने के लिए जाते हैं। जहां मल मूत्र  फेंका हुआ है, इसी स्थान के निकट ही शहर की नामी मिठाई की दुकान है, कई बड़े-बड़े मार्केट हैं।

    लोगों का कहना है कि नगर निगम के पास बङ़ी कम बैक मशीन है। जिसके कारण मोहल्ले के अंदर के घरों के शौचालय का टंकी साफ नहीं हो पाता है। मजबूरन लोगों को मुंह मांगी रकम देकर अपने शौचालय की टंकी सफाई कर्मी से करवाने को मजबूर होते हैं। सफाई कर्मी नाले एवं कूड़े कचरे के स्थान पर टंकी का कचरा फेंक देते हैं।

    बकौल वार्ड पार्षद नारायण यादव सदस्य सशक्त स्थाई समिति की बैठक में वे प्राथमिकता के आधार पर छोटा कमबैक मशीन की चर्चा लगातार करते आ रहे हैं।

    उक्त समस्या का समाधान के लिए नगर आयुक्त अंशुल अग्रवाल द्वारा बोर्ड को बताया गया की स्मार्ट सिटी की राशि से सेप्टिक टंकी सफाई हेतु छोटी छोटी मशीन की खरीदारी की जाएगी। लेकिन अब तक उक्त समस्या का समाधान नहीं हो जाने से समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।

    जानकारों की मानें तो, छोटी-छोटी कम बैक मशीन नगर निगम में उपलब्ध हो जाने से मल मूत्र की समस्या का समाधान होना निश्चित है। क्योंकि छोटी-छोटी मुंबई की मशीन द्वारा गलियों में टंकी की सफाई आसानी से हो सकती है। और मल -मूत्र नाली में जो बहाया जाता है, उस से भी निजात मिल सकती है।

    Comments