अन्य

    फाइलों से बाहर नहीं आ रहा स्मार्ट सिटी, विधायक की धरना स्थल में भी घपलेबाजी !

    "जनप्रतिनिधि कमीशन के कारण योजनाओं में घटिया कार्य होने के बावजूद भी चुप्पी साधे रहते हैं....

    बिहारशरीफ (संजय कुमार)। नगर निगम के प्रशासक कार्यालय में बैठ कर ही बिहारशरीफ शहर को स्वच्छता रैंकिंग में और सुधार करना चाह रहे हैं। वे अन्य योजनाओं की तरह इसे भी सिर्फ कागजी दिखाना मात्र बना देना चाह रहे हैं।

    कहा जाता है कि बिहारशरीफ हॉस्पिटल चौराहा के पास धरना स्थल का निर्माण किया गया है। कार्य इतना घटिया है कि ढलाई जहां-तहां टूट गए हैं।

    बताया जाता है कि बिहारशरीफ के वर्तमान विधायक डॉ सुनील कुमार के द्वारा योजना एवं विकास विभाग, मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना अंतर्गत एक लाख की लागत से धरना स्थल बनाया गया है।

    यह योजना संख्या-426/18-20 के द्वारा बनाया गया है, जिसका उद्घाटन 30-8-2020 को किया गया था। अभी एक साल भी नहीं हुए हैं की जहां-तहां टूट-फूट चालू हो चुका है।

    टाउन हॉल के दीवारों पर लगे शिलापट पर अंकित राशि को देखकर लोग अनुमान लगा लेते हैं कि यही एक लाख का बना धरना स्थल है। लोग चर्चा करने से यह भी बाज नहीं आते हैं कि नेता लोग जनता के कार्य वाले योजनाओं में कमीशन तो खाते ही हैं। अपने लिए बनाए गए धरना स्थल में भी कमीशन खा गए।

    अगर नहीं खाए तो इतना घटिया कार्य कैसे हुआ। सरकार की विभिन्न योजनाओं में घपला घोटाला की आवाज उठाने वाले नेता धरना स्थल वाले ढलाई पर चुप क्यों हैं?

    इतना ही नहीं, धरना स्थल के ठीक बगल में पानी टंकी है और पानी टंकी के बगल में मूत्रालय है। लोग मूत्रालय में फैली गंदगी को देखकर, बाहर ही पेशाब करते हैं। कई लोग तो रात्रि में नाले में शौच भी करते हैं ,जो प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान को ठेंगा दिखा रहा हैं। स्वच्छता अभियान का मखौल उड़ा रहे हैं।

    अवैध रूप से हॉस्पिटल चौक पर ठेले पर विभिन्न प्रकार के व्यंजन बेचने वाले लोग, थर्माकोल कटोरी, फलों के छिलके, डाभ एवं अन्य प्रकार के कचरे  इस जगह पर एक  और नर्क बनाने में अपनी भूमिका निभाते हैं।

    शायद ही ऐसा दिन नहीं होगा कि हॉस्पिटल चौक स्थित धरना स्थल पर कोई ना कोई पाटी व संस्था के लोग धरना नहीं देते होगें। कूड़े कचरे  व मल- मूत्र की तीखी गंध धरना स्थल पर बैठे लोगों को भी जाती ही होगी।

    परंतु इस पर इन नेताओं ने धरना प्रदर्शन नहीं किया होगा, ना कभी संबंधित विभागों के पदाधिकारियों तक शिकायत पहुंचाने का भी जोखिम उठाने का कष्ट किया होगा।

    बहरहाल, जो भी हो बिहार शरीफ नगर निगम के स्मार्ट सिटी परियोजना की असलियत को उजागर करने में हॉस्पिटल चौराहा स्थित कूड़ा कचरा अपना अहम भूमिका निभा रहा है।

    Comments